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छठ पूजा की तैयारी पूरी! आखिरी बार चेक कर लें जरुरी सामग्रियों की लिस्ट

छठ पूजा घर की औरतें अपने परिवार की सफलता और स्वास्थ के लिए करती हैं. इस पर्व में भगवान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है. जिसमें घर की महिलाएं 36 घंटे तक बिना कुछ खाए-पिए पूजा करती हैं.

Calendar Last Updated : 03 November 2024, 06:23 AM IST
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Chhath Puja: दिवाली का त्योहार अब खत्म हो चुका है. लोग अब महापर्व छठ की तैयारी में लग गए हैं. खासतौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में इस त्योहार को मनाया जाता है. छठ पूजा घर की औरतें अपने परिवार की सफलता और स्वास्थ के लिए करती हैं. इस पर्व में भगवान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है. जिसमें घर की महिलाएं 36 घंटे तक बिना कुछ खाए-पिए पूजा करती हैं. छठ पूजा केवल एक मात्र त्योहार जिसमें सभी लोग मिलकर पूजा करते हैं. पूरे गांव-शहर की साफ-सफाई की जाती है. 

छठ का चार दिवसीय त्योहार कार्तिक मास की शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है. यह पूरा त्योहार 4 दिन का होता है. पहले दिन महिलाएं नहाय खाय के साथ करती हैं और फिर उगते सूर्य को अर्घ्य और आखिरी दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की प्रथा है. इस पावन पर्व को मनाने के लिए काफी शुद्धता रखनी पड़ती है. साथ ही इस पर्व के काफी सख्त नियम है जिसे पालन करना बेहद जरुरी है. इस पूरे पूजा के दौरान कुछ जरुरी सामग्रियों की जरुरत पड़ती है, जिसे पूजा से पहले चेक कर लेना जरुरी है. 

चार दिन का त्योहार

इस बार छठ पूजा का त्योहार 5 नवंबर से शुरू होने वाला है. इस दिन महिलाएं नहाए-खाए करेंगी. पूरे घर के लोग नहाकर सात्विक भोजन करते हैं. घर में ठेकुआ बनने की तैयारी की जाती है. जिसे छठ पूजा का महाप्रसाद कहा जाता है. आटा में घी, गुड़ समेत अन्य कई चीजों को मिलाकर इस महाप्रसाद को तैयार किया जाता है.

नहाए-खाए के अगले दिन खरना मनाया जाएगा. इस दिन गुड़ की खीर बनाई जाती है. व्रती महिलाएं जिस रुम में रहती हैं उसी जगह पर इस प्रसाद को तैयार किया जाता है. बाकी घर के सभी लोग उस कमरे में आकर व्रती महिलाओं से आर्शीवाद लेते हैं. इस समय कोई भी छोटा-बड़ा नहीं होता है. जिन महिलाओं ने व्रत किया होता है उन्हें देवी  माना जाता है.

इसके बाद तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. महिलाएं नदी और तालाब में जाती है और पानी में खड़े होकर सूर्य देव के डूबने का इंतजार करती हैं. वहीं घर के पुरुष अपने सर पर प्रसाद उठाकर घाट तक ले जाते हैं. महिलाएं उन प्रसादों को भगवान सूर्य को चढ़ाती हैं. 

चौथे और आखिरी दिन उगते सूर्य की पूजा की जाती है. इस दिन भी घर के पुरुष प्रसाद को सर पर उठाकर घाट तक ले जाते हैं. जिसमें फल और फूल समेत काफी कुछ होता है. 

जरुरी सामग्रियों की लिस्ट 

छठ पूजा के दौरान कुछ सामग्रियों की जरुरत पड़ती हैं. जिसकी तैयारी पहले से ही कर लेनी चाहिए. पूजा से पहले आप अपने लिस्ट का मिलान कर लें. इस लिस्ट में व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए नए कपड़े जिसमें आमतौर पर साड़ी होती है. वहीं अगर पुरूष इस त्योहार को कर रहे हैं तो उनके लिए धोती होता है.

इसके अलावा बांस का  बना हुआ सूप और टोकरियां की जरुत पड़ती है. जिसमें प्रसाद रखा जाता है. लिस्ट में एक ग्लास, एक थाली और लोटा को भी चेक कर लें. छठ पूजा के दौरान गन्ना, फल (आम, अनानास, संतरा, केला, खरबूजा, तरबूज, गाजर, सब्जियां में सिंघाड़ा, शकरकंद, आलू), गेहूं और चावल का आटा, शहद, गुड़, मिठइयां, दूध, जल, धूप, अगरबत्ती, दीपक, सरसों का तेल, पान के पत्ते, सुपारी सिंदूर, कुमकुम हल्दी की गांठ, लौंग और इलायची, ठेकुआ, मूली, अदरक, शरीफा, नाशपाती और बड़ा वाला मीठा नींबू रखना बिलकुल ना भूलें. 

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