हरियाणा, गोवा और लद्दाख में नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्त, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सौंपी जिम्मेदारी

हरियाणा का नए राज्यपाल के रूप में प्रो. असीम कुमार घोष को नियुक्त किया गया है. वे बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. प्रो. घोष एक अनुभवी शिक्षाविद हैं. उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है. इस नियुक्ति से हरियाणा में शैक्षणिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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Courtesy: Social Media

President New Appointments: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार 14 जुलाई को हरियाणा, गोवा और लद्दाख के लिए नए राज्यपालों और उपराज्यपाल की नियुक्ति की. लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा का इस्तीफा भी स्वीकार किया गया.

राष्ट्रपति ने भाजपा नेता कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया. गुप्ता जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं. वे ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा की जगह लेंगे. उनका इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया. यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी.

हरियाणा और गोवा में नया नेतृत्व

हरियाणा का नए राज्यपाल के रूप में प्रो. असीम कुमार घोष को नियुक्त किया गया है. वे बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. प्रो. घोष एक अनुभवी शिक्षाविद हैं. उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है. इस नियुक्ति से हरियाणा में शैक्षणिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. गोवा के नए राज्यपाल के रूप में पुसापति अशोक गजपति राजू को नियुक्त किया गया है. वे पी.एस. श्रीधरन पिल्लई की जगह लेंगे. गजपति राजू एक अनुभवी नेता हैं. उनकी नियुक्ति से गोवा में प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलेगी. यह नियुक्ति भी कार्यभार ग्रहण की तारीख से लागू होगी.

राष्ट्रपति भवन का आधिकारिक बयान

राष्ट्रपति भवन ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रपति ने लद्दाख के उपराज्यपाल बी.डी. मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया. प्रो. असीम कुमार घोष, पुसापति अशोक गजपति राजू और कविंदर गुप्ता को क्रमशः हरियाणा, गोवा और लद्दाख का राज्यपाल और उपराज्यपाल नियुक्त किया गया. यह बदलाव प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए हैं.

राष्ट्रपति ने एक दिन पहले राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों को मनोनीत किया. इनमें पूर्व राजनयिक हर्ष श्रृंगला, वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन और शिक्षक सदानंदन मास्टर शामिल हैं. यह नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत की गईं. इनका उद्देश्य संसद में रिक्तियों को भरना है. इन नियुक्तियों से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ेगा. कविंदर गुप्ता का अनुभव लद्दाख में विकास को गति देगा. प्रो. घोष और गजपति राजू के नेतृत्व से हरियाणा और गोवा में नए अवसर खुलेंगे. राष्ट्रपति के ये फैसले प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण हैं.

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