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नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने के साथ भक्त व्रत, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. सावन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली कामिका एकादशी का व्रत इस साल 9 अगस्त 2026, रविवार को रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के श्रीधर स्वरूप की पूजा करने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के नकारात्मक प्रभाव दूर होने की मान्यता है.
पंचांग के अनुसार, कामिका एकादशी की तिथि 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से शुरू हुई थी और इसका समापन 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 4 मिनट पर होगा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अगले दिन यानी 10 अगस्त को पारण कर सकते हैं. पारण का शुभ समय सुबह 5 बजकर 47 मिनट से 8 बजे तक रहेगा। इसी समय द्वादशी तिथि भी समाप्त हो जाएगी.
धार्मिक कथा के मुताबिक, एक व्यक्ति से अनजाने में गंभीर अपराध हो गया था. इस वजह से वह काफी परेशान रहने लगा और पाप से मुक्ति पाने के लिए एक ऋषि के पास पहुंचा. ऋषि ने उसे कामिका एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा करने की सलाह दी. व्यक्ति ने विधि-विधान से व्रत किया और भगवान विष्णु की आराधना की. मान्यता है कि व्रत के प्रभाव से उसके पाप समाप्त हो गए और उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई. इसी कारण कामिका एकादशी को पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी भी माना जाता है.
व्रत रखने वाले भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. इसके बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उन्हें पीले फूल, फल, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना शुभ माना जाता है. शाम के समय भगवान विष्णु की आरती कर उन्हें भोग लगाएं.
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.