वरदा चतुर्थी पर कैसे करें गणेश पूजा? जानें आसान विधि
आज वरद चतुर्थी का पवित्र त्योहार मनाया जा रहा है. भगवान गणेश को समर्पित इस दिन पूजा, मंत्रों का जाप और दान का खास महत्व माना जाता है. माना जाता है कि शुभ समय में भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
Last Updated : 20 May 2026, 11:03 AM IST
Courtesy: Niraj Singh pinterest
वरदा चतुर्थी 2026: आज ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की वरद चतुर्थी है. यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से सभी दुख दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. "वरद" का मतलब है "वरदान देने वाला", इसलिए इस दिन बप्पा की पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 19 मई 2026 को दोपहर 02:18 बजे से शुरू होकर 20 मई 2026 की सुबह 11:06 बजे तक रहेगी. मध्याह्न काल में की गई पूजा को सबसे शुभ माना जाता है. ऐसे में भक्त शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
वरदा चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
- पूजा का शुभ समय: सुबह 10:56 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक
- चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 10:56 बजे से सुबह 11:06 बजे तक
वर्जित चंद्र दर्शन समय:
- 19 मई दोपहर 02:18 बजे से रात 10:13 बजे तक
- 20 मई सुबह 08:43 बजे से सुबह 11:08 बजे तक
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से मिथ्या कलंक लगने की आशंका रहती है, इसलिए इस समय चंद्रमा देखने से बचना चाहिए.
वरदा चतुर्थी पर क्या करें दान
इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन वस्तुओं का दान शुभ फल देता है-
- अन्न दान: जरूरतमंदों को चावल, गेहूं या आटा दान करें.
- तिल और गुड़: गणेश जी को प्रिय होने के कारण इनका दान बाधाएं दूर करता है.
- पीले वस्त्र: निर्धनों या ब्राह्मणों को पीले कपड़े भेंट करना शुभ माना गया है.
- तांबे के बर्तन: तांबे का दान ग्रह दोष शांत करने में सहायक माना जाता है.
- मोदक और लड्डू: बच्चों में मोदक या बूंदी के लड्डू बांटने से गणपति प्रसन्न होते हैं.
ऐसे करें गणेश जी की पूजा
भगवान गणेश को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं और स्वयं भी तिलक करें. इसके बाद 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करते हुए 21 दूर्वा अर्पित करें. पूजा में मोदक का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है.
वरदा चतुर्थी के उपाय
- गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें.
- "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें.
- गणेश जी को 5 या 11 मोदक अर्पित करें.
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