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मध्य प्रदेश में जानलेवा कप सिरप ने छिन ली कई बच्चों की जान, डॉक्टर और कंपनी दोनों के खिलाफ एक्शन शुरू

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़े बच्चों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई जहरीले सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत की जांच के बाद की गई.

Calendar Last Updated : 05 October 2025, 10:11 AM IST
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Cough Syrup Deaths: कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़े बच्चों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई जहरीले सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत की जांच के बाद की गई.

परासिया के बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. सोनी को राजपाल चौक के पास से हिरासत में लिया. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. इनमें दवाओं में मिलावट, नकली दवाओं की बिक्री और हत्या के बराबर न होने वाली मानव वध की धाराएं शामिल हैं. इन धाराओं के सजा में सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है.  

बच्चों की दुखद मौतों की समयरेखा

एफआईआर के अनुसार, 11 बच्चों की मौत इस सिरप के सेवन से जुड़ी है. इनमें से नौ बच्चों का इलाज डॉ. सोनी ने किया था. इन मामलों में अधिकांश बच्चों की मौत गुर्दे की विफलता के कारण हुई, जिसका संदेह सिरप के सेवन से है. मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए चिकित्सा और फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है. छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि सिरप के नमूनों की अंतिम प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. सीआईडी इस जांच की निगरानी कर रही है.

फार्मेसियों को सख्त चेतावनी

प्रशासन ने दवा दुकानों को चेतावनी दी है कि कोल्ड्रिफ सिरप बेचने वाली फार्मेसियों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा. साथ ही, माता-पिता और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से असत्यापित कफ सिरप के उपयोग से बचने को कहा गया है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने तमिलनाडु की दवा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव जल्द ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक करेंगे. इसमें दवाओं की गुणवत्ता और बाल चिकित्सा दवाओं के वितरण पर कड़े नियम लागू करने पर चर्चा होगी.
 

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