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रफ्तार के साथ खुला भारतीय बाजार, सेंसेक्स में 1,000 अंकों की उछाल

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाए जाने के कारण सोमवार को भारतीय बाजारों में भी गिरावट आई थी. हालांकि आज यानी मंगलवार को बाजार काफी रफ्तार के साथ कुला है. सेंसेक्स में 1,000 अंकों की उछाल आई है. वहीं निफ्टी 22,500 के स्तर पर पहुंच चुका है.

Calendar Last Updated : 08 April 2025, 10:37 AM IST
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Indian Stock Market: विश्व में चल रहे टैरिफ वॉर के बीच सोमवार को वैश्विक बाजार में भारी गिरावट आई थी. जिसकी वजह से सोमवार को ब्लैक मंडे घोषित किया गया था. हालांकि उसके अगले दिन ही यानी आज मंगलवार को सेंसेक्स 1,000 अंकों की बढ़त के साथ खुला है. निफ्टी भी 22,500 अंकों पर पहुंच गया. 

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स सुबह 9:35 बजे तक 1,217.78 अंकों की बढ़त के साथ 74,355.68 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी 50 में करीब 1.5 फीसदी की बढ़त देखी गई. एनएसई निफ्टी 50 380.50 अंकों की बढ़त के साथ 22,542.10 पर पहुंच गया. एनएसई में सबसे ज्यादा लाभ टाइटन कंपनी, टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, श्रीराम फाइनेंस को हुआ.

क्या है एक्सपर्ट की राय?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वजह से वैश्विक बाजार पर काफी असर पड़ा है. सोमवार को बाजार खुलते ही धड़ाम से नीचे चला गया. कोरोना महामारी के बाद ऐसा पहला समय था, जब बाजार इतना नीचे गया था. जिसकी वजह से कई निवेशकों ने इस दिन को ब्लैक मंडे बताया. हालांकि अगले ही दिन बीएसई पर निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सहित व्यापक बाजारों में दो-दो फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. मेटल, आईटी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स भी हरे निशान में खुले.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार एक्सिस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख अक्षय चिंचलकर ने कहा कि कल निफ्टी में साल की सबसे बड़ी गिरावट आई, लेकिन क्लोजिंग पर 400 से अधिक अंकों की रिकवरी बुल्स के लिए उत्साहजनक रही. बाजार में इस उछाल के परिणामस्वरूप 22572-22685 के साथ एक बुलिश बेल्ट-होल्ड लाइन का निर्माण हुआ, जो अगला अपसाइड हर्डल एरिया है. डाउनसाइड पर, 22015-22130 एरिया महत्वपूर्ण है. 

वैश्विक बाजार में हलचल 

वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास पर ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के प्रभाव के कारण भारतीय शेयरों में खूनी संघर्ष जैसी स्थिति देखी गई. विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक चिंतित हैं कि वैश्विक व्यापार में काफी गिरावट आ सकती है, जिससे दुनिया भर में कॉर्पोरेट आय और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है. बाजार की प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय व्यापार के भविष्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के बारे में निवेशकों के बीच बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है. ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ ने वैश्विक स्तर पर वित्तीय बाजारों में व्यापक प्रभाव डाला है.

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