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बिहार के आशा और ममता कर्मचारियों के लिए नीतीश सरकार का तोहफा, इंसेंटिव राशि में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को अब 1,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये के बजाय 600 रुपये दिए जाएंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि आशा और ममता कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

Calendar Last Updated : 30 July 2025, 10:24 AM IST
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CM Nitish Big Announcement: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की घोषणा की. यह कदम विधानसभा चुनाव 2025 से पहले ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है. इसके साथ ही, पत्रकारों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है. नीतीश सरकार की ये घोषणाएँ सामाजिक और आर्थिक सुधारों की ओर इशारा करती हैं.

मुख्यमंत्री ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को अब 1,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये के बजाय 600 रुपये दिए जाएंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि आशा और ममता कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. इस बढ़ोतरी से उनका मनोबल बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाएँ मज़बूत होंगी. सरकार का मानना है कि यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करेगा.

पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि

26 जुलाई को नीतीश कुमार ने 'बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना' के तहत पत्रकारों की पेंशन में बढ़ोतरी की थी. अब पात्र पत्रकारों को 6,000 रुपये की जगह 15,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी. इसके अलावा पेंशनभोगी पत्रकार की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को आजीवन 3 हजार रुपये की जगह 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी. यह कदम पत्रकारों के कल्याण के लिए उठाया गया है. नीतीश सरकार ने कई और कल्याणकारी योजनाएँ शुरू की हैं. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी गई है. इसके अलावा 125 यूनिट बिजली भी मुफ्त की गई है. जिसका लाभ जुलाई के बिल से मिलेगा. सरकार ने अगले पाँच साल में 1 करोड़ सरकारी नौकरियाँ और रोजगार के अवसर देने का वादा किया है. साथ ही, सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए 'सफाई कर्मचारी आयोग' का गठन किया गया है.

विधानसभा चुनाव की तैयारियां

बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए अक्टूबर या नवंबर 2025 में चुनाव होने हैं. 2020 के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने सरकार बनाई थी, और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने. अगस्त 2022 में जद (यू) ने राजग से नाता तोड़कर राजद के साथ महागठबंधन बनाया. फिर, जनवरी 2024 में जद (यू) ने महागठबंधन छोड़कर फिर से राजग के साथ सरकार बनाई. इन घोषणाओं को चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. नीतीश सरकार की ये घोषणाएं सामाजिक और आर्थिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण हैं. आशा, ममता कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के लिए बढ़ी राशि से उनके जीवन में सुधार आएगा. मुफ्त बिजली और रोजगार के अवसर बिहार की जनता के लिए बड़ी राहत हैं. सरकार का यह प्रयास राज्य को प्रगति की ओर ले जाएगा.

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