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नई दिल्ली: बॉलीवुड में अपने बेबाक और बेफिक्र अंदाज के लिए मशहूर कंगना रनौत ने फिल्मों के बाद राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. हालांकि, इस सफर में उन्हें लगातार आलोचनाओं और कई तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा. अब कंगना ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी जगह मेहनत और योग्यता के दम पर बनाई है. उन्होंने कहा कि ऐसी बातें उन्हें प्रभावित करती हैं और लोगों की सोच देखकर दुख भी होता है.
डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कंगना ने माना कि राजनीति में आने के बाद भी उन्हें कई बार ‘आउटसाइडर’ जैसा महसूस होता है. उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को उनका राजनीति में आना पसंद नहीं आया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार वीडियो बनाए जाते हैं. कंगना के मुताबिक, इन वीडियोज में उनके बारे में कई तरह के आरोप लगाए जाते हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जाती है. उनके अनुसार, आलोचक अक्सर यह सवाल उठाते हैं कि वह आखिर इस मुकाम तक कैसे पहुंचीं.
कंगना ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनका लंबा संघर्ष है. उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने अपनी पहचान किसी की मदद या सिफारिश से नहीं बनाई है. अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और क्षमता के दम पर यह स्थान हासिल किया है. इसलिए वह जिस राजनीतिक पद पर हैं, उसे पूरी तरह डिजर्व करती हैं. उनका मानना है कि उनकी उपलब्धियों को कम आंकना उनके संघर्ष को नजरअंदाज करने जैसा है.
इंटरव्यू के दौरान कंगना ने इशारों में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कॉकरोच को लोग हाथ में नहीं उठाते, बल्कि उसे चप्पल से मारते हैं. दूसरी ओर, तितली के साथ लोग तस्वीरें खिंचवाना पसंद करते हैं. कंगना का यह बयान उनके पुराने विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ उनका पहले सोशल मीडिया पर विवाद हो चुका है. नीट प्रोटेस्ट के दौरान दोनों के बीच बहस हुई थी. इसके बाद कंगना ने एक पोस्ट में अभिजीत की अंग्रेजी का मजाक भी उड़ाया था.