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इंडोनेशिया में 12 घंटो के अंदर दोबारा आया भूकंप के झटके, 6.8 थी तीव्रता

शनिवार को इंडोनेशिया एक बार फिर धरती के झटकों से हिल गया। पूर्वी इलाके में सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कुछ घंटे बाद ही उत्तरी सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का झटका महसूस किया गया

Calendar Last Updated : 15 August 2026, 06:40 PM IST
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नई दिल्ली: शनिवार को इंडोनेशिया एक बार फिर धरती के झटकों से हिल गया। पूर्वी इलाके में सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कुछ घंटे बाद ही उत्तरी सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। दो बड़े भूकंपों से लोगों में दहशत फैल गई।  

पहले 7.7 का झटका, 38 लोगों की मौत    

जर्मन रिसर्च सेंटर GFZ के मुताबिक सुबह पूर्वी इंडोनेशिया के पास 15 किलोमीटर गहराई में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप में अब तक 38 लोगों के मरने की खबर है।  

भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक आए। मौसम विज्ञान एजेंसी BMKG ने सुनामी की चेतावनी भी जारी की थी, जिसे करीब 3 घंटे बाद हटा लिया गया। BMKG ने बताया कि कुछ तटीय इलाकों में 1 मीटर से कम ऊंची लहरें दर्ज की गईं।  

उत्तरी सुमात्रा में दूसरा झटका    

पहले भूकंप के कुछ घंटों बाद ही उत्तरी सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया। GFZ के अनुसार इसका केंद्र जमीन से 175 किलोमीटर नीचे था। BMKG ने कहा कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन झटके पश्चिम सुमात्रा और पदांग तक महसूस किए गए। एजेंसी ने बताया कि ये भूकंप 'प्लेट सबडक्शन' और 'ऑब्लिक नॉर्मल फॉल्ट मैकेनिज्म' की वजह से आया।  

तबाही और राहत कार्य   

तेज झटकों से कई जगह भूस्खलन हुआ। बिजली गुल हो गई और संचार व्यवस्था ठप पड़ गई। मलबे की वजह से सड़कें बंद हो गईं, जिससे बचाव दल को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में दिक्कत हुई।  

इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी के अनुसार लगभग 2,000 लोगों को सुरक्षित जगहों और अस्थायी शिविरों में भेजा गया। बचाव दल उन 2 ग्रामीणों की तलाश कर रहे हैं जो भूस्खलन में दबे बताए जा रहे हैं।  

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमारतें गिरती, धूल के गुबार और लोग घरों से बाहर भागते दिखे। तालिबुरा की नोना ने रॉयटर्स को बताया, "भूकंप बहुत जबरदस्त था। हम घर में 13 लोग थे, सब जान बचाने के लिए भागे।"  

इंडोनेशिया क्यों है भूकंप का केंद्र?       

इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर बसा है। यहां कई टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं, इसलिए भूकंप और ज्वालामुखी आम हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसी इलाके में 1992 में भी 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें भारी तबाही हुई थी।

ऑस्ट्रेलिया के सुनामी केंद्र ने साफ किया कि इस भूकंप से ऑस्ट्रेलिया के लिए कोई सुनामी खतरा नहीं है। फिलहाल राहत और बचाव का काम जारी है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक को लेकर तैयार रहने की अपील कर रहा है।  

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