Courtesy: Pinterest
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर थे, लेकिन इस भयानक त्रासदी की खबर मिलते ही उन्होंने अपना दौरा बीच में ही समाप्त किया और स्वदेश लौट आए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज "Declassified: Operation Sindoor" में इस पूरे घटनाक्रम की अंदरूनी कहानी से पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही प्रधानमंत्री का रुख बेहद सख्त था और उन्होंने सबसे पहला सवाल यही पूछा कि इस हमले के पीछे कौन है और इसके जिम्मेदार लोगों की पूरी जानकारी तुरंत दी जाए। दो परमाणु देशों के बीच यह अभूतपूर्व सैन्य संघर्ष लगातार 88 घंटे तक जारी रहा, जो 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी एक आपसी सहमति के बाद समाप्त हुआ।
आतंकवाद पर भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ने स्पष्ट किया कि जब देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर आंच आती है, तो भारत किसी भी हद तक जाने को तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा के मामले में भारत अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ने का जज्बा रखता है।
डोभाल ने प्रधानमंत्री के बयान को दोहराते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ एक तात्कालिक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह आज भी प्रभावी है। इसका अर्थ यही है कि जब तक आखिरी आतंकवादी का सफाया नहीं हो जाता, तब तक भारत का यह अभियान जारी रहेगा।
दिल्ली एयरपोर्ट पर बनी कार्रवाई की रणनीति
15 अगस्त 2026 की रात 9 बजे डिस्कवरी और discovery+ पर प्रसारित होने वाले इस विशेष साक्षात्कार में डोभाल ने बताया कि विदेश सचिव और सुरक्षा तंत्र के प्रमुख अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर ही प्रधानमंत्री का स्वागत किया। बिना किसी देरी के वहीं एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई गई।
पीएम मोदी ठोस सबूतों पर तुरंत स्पष्टता चाहते थे। NSA डोभाल के अनुसार, इस बैठक ने भारत के रुख को स्पष्ट कर दिया था कि देश अपनी सहनशीलता को कमजोरी नहीं बनने देगा और जरूरत पड़ने पर बिना किसी अंजाम की परवाह किए करारा प्रहार करेगा।
88 घंटे तक चला निर्णायक 'ऑपरेशन सिंदूर'
पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने 7 मई की तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर सटीक सैन्य हमले शुरू किए। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करना था। जब जवाब में पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, तो भारतीय सशस्त्र बलों ने और अधिक तीव्रता से जवाबी कार्रवाई की। दो परमाणु संपन्न देशों के बीच यह अभूतपूर्व सैन्य संघर्ष लगातार 88 घंटे तक जारी रहा, जो 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी एक आपसी सहमति के बाद समाप्त हुआ। पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज "Declassified: Operation Sindoor" में इस पूरे घटनाक्रम की अंदरूनी कहानी से पर्दा उठाया है।