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वेनेजुएला, जापान, कैलिफोर्निया एक ही दिन में 4 जगह कांपी धरती, क्या खतरे में है पूरी दुनिया?

भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें मलबे के नीचे दबने से 10 हजार से लेकर 1 लाख लोगों के हताहत होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है. वेनेजुएला के इस महातांडव के साथ-साथ उत्तरी कैलिफोर्निया, जापान और भारत के जम्मू-कश्मीर में भी बैक-टू-बैक भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं.

Calendar Last Updated : 25 June 2026, 01:11 PM IST
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नई दिल्ली: दुनिया के अलग-अलग कोनों में बीते 24 घंटों के भीतर आए शक्तिशाली भूकंपों ने वैश्विक स्तर पर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में महज 39 सेकंड के भीतर आए दो विनाशकारी (7.1 और 7.5 तीव्रता) भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें मलबे के नीचे दबने से 10 हजार से लेकर 1 लाख लोगों के हताहत होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है. वेनेजुएला के इस महातांडव के साथ-साथ उत्तरी कैलिफोर्निया, जापान और भारत के जम्मू-कश्मीर में भी बैक-टू-बैक भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं. एक ही समय में दुनिया के कई हिस्सों में हुई इस भूगर्भीय हलचल ने वैज्ञानिकों और आम जनता के बीच इस चिंता को बढ़ा दिया है कि क्या पृथ्वी किसी बड़े संकट का संकेत दे रही है.

वेनेजुएला में महाविनाश

वेनेजुएला की राजधानी काराकास और मोरोन शहर इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. 7.5 तीव्रता के मुख्य झटके के कारण दर्जनों बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सिमोन बोलिवार एयरपोर्ट) का एक बड़ा हिस्सा ढहने के कारण विमान सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई हैं. देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया है. तटीय इलाका होने के कारण कैरेबियन सागर में सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया, जिसने तटीय निवासियों की धड़कनें बढ़ा दीं.

अमेरिका, जापान और जम्मू-कश्मीर भी कांपे

उत्तरी कैलिफोर्निया के ग्रामीण इलाके में 5.6 तीव्रता का भीषण भूकंप आया. यह पिछले 90 वर्षों में इस कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा झटका है. भूकंप के कारण 6,000 से अधिक घरों की बत्ती गुल हो गई और कई आफ्टरशॉक्स ने लोगों को डराए रखा. जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित इवाते और आओमोरी प्रांतों के तटीय क्षेत्रों में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. बुलेट ट्रेनों को तुरंत रोक दिया गया. हालांकि वहां किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. भारत के जम्मू-कश्मीर में भी पुलवामा क्षेत्र (33.913° N, 75.095° E) को केंद्र बनाकर 3.5 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए.

क्या पृथ्वी दे रही है किसी महा-विपत्ति का अलर्ट?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इन चारों भूकंपों का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं है. भू-वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि दुनिया भर में हर दिन हजारों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं, और 12 घंटे के भीतर अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेट्स पर इनका आना महज एक संयोग है. विज्ञान के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि एक क्षेत्र का भूकंप हजारों किलोमीटर दूर दूसरे क्षेत्र में भूकंप को ट्रिगर कर सकता है. हालांकि, इस वैश्विक हलचल ने दुनिया भर की आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है.

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