क्या ट्रंप लगा रहे एक तीर से दो निशाने? भारत पर मंडरा रहा टैरिफ बढ़ोतरी का खतरा, जानिए क्या है रूस प्रतिबंध बिल

रूस पर और प्रतिबंध लगाकर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की अपनी कोशिशों को तेज करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल को मंज़ूरी दे दी है.

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नई दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी सरकार एक बार फिर रूस के जरिए भारत को निशाना बना रही है. ट्रंप के लगातार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान और उनकी खिल्ली उड़ाने से साफ पता चलता है कि ट्रंप भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं. इसी दुश्मनी को कायम रखते हुए ट्रंप उन देशों को सजा देना चाहते हैं जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं. उनका कहना है कि इससे पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा मिल रहा है.

ट्रंप ने दी बिल को मंजूरी

रूस पर और प्रतिबंध लगाकर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की अपनी कोशिशों को तेज करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल को मंज़ूरी दे दी है. इससे न सिर्फ मॉस्को पर बल्कि भारत समेत उसके व्यापारिक साझेदारों पर भी प्रतिबंध बढ़ेंगे. रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अनुसार, ट्रंप ने दोनों पार्टियों के रूसी प्रतिबंध बिल को हरी झंडी दे दी है.

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई मीटिंग

ग्राहम ने अपने बयान में कहा, "आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर बहुत अच्छी मीटिंग के बाद, उन्होंने दोनों पार्टियों के रूस प्रतिबंध बिल को हरी झंडी दे दी है. मुझे उम्मीद है कि अगले हफ्ते ही इस पर दोनों पार्टियों की तरफ से मज़बूत वोटिंग होगी." यह बिल ट्रंप को उन देशों को सज़ा देने की इजाजत देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं, जिससे पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा मिल रहा है.

नए बिल में क्या है?

'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025' उन कुछ लोगों और देशों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस के इशारे पर काम करने और यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के शांति समझौते में बाधा डालने वाला माना है.

यह बिल चार शर्तें बताता है जिनके तहत किसी व्यक्ति या देश पर इस कानून के तहत प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

  1. यूक्रेन के साथ शांति समझौते पर बातचीत करने से इनकार करना.
  2. बातचीत से हुए शांति समझौते का उल्लंघन करना.
  3. यूक्रेन पर फिर से हमला शुरू करना.
  4. यूक्रेनी सरकार को उखाड़ फेंकना, खत्म करना, या उसे कमज़ोर करने की कोशिश करना.

भारत पर यह होगा असर

भारत अभी अमेरिका को पहले से ही ज्यादा टैरिफ दे रहा है. 2025 में अपने लिबरेशन डे कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने अमेरिका के सभी ट्रेड पार्टनर्स पर नए प्रतिबंध लगाए, जिससे कई ट्रेड विवाद शुरू हो गए. भारत के साथ शुरू में 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की गई थी.

हालांकि, लिबरेशन डे की घोषणा के महीनों बाद, ट्रंप ने रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा देने के लिए भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की. इसके साथ ही, भारत पर कुल टैक्स बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे यह ब्राजील के साथ उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया जिन पर अमेरिका का सबसे ज़्यादा टैरिफ लगता है.

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