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जापान में 6.8 तीव्रता का जोरदार भूकंप का झटका, सुनामी का अलर्ट जारी

जापान के इवाते प्रांत के पास उत्तरी प्रशांत महासागर में भूकंप आया. इसकी तीव्रता अलग अलग स्रोतों से 6.6 से 6.8 बताई गई. भूकंप के बाद एक मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी हुई. लोग तट से दूर रहने को कहा गया. क्षेत्र 2011 की बड़ी आपदा से अभी भी प्रभावित है. जापान भूकंप वाले क्षेत्र में है और हर साल कई भूकंप आते हैं.

Calendar Last Updated : 09 November 2025, 03:00 PM IST
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जापान के उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस ने इसकी तीव्रता 6.8 बताई. भूकंप के बाद इवाते प्रांत के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई. यह चेतावनी तुरंत प्रभावी हुई. लोग सतर्क हो गए. 

समाचार एजेंसी एएफपी ने जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के हवाले से खबर दी. भूकंप शाम लगभग 5 बजकर 3 मिनट पर आया. यह स्थानीय समय के अनुसार था. केंद्र इवाते के तटवर्ती जलक्षेत्र में था. भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र एनसीएस ने तीव्रता 6.6 मापी. केंद्र 39.51 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 143.38 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था. गहराई 30 किलोमीटर रही. ये आंकड़े अलग अलग एजेंसियों से आए. 

सुनामी की चेतावनी और सलाह

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के बुलेटिन का हवाला दिया. बुलेटिन में कहा गया कि "सुनामी की चेतावनी जारी की गई है". लहरें एक मीटर यानी तीन फीट ऊंची हो सकती हैं. ये किसी भी समय आ सकती हैं. राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने बताया कि अपतटीय सुनामी लहरें देखी गईं. निवासियों से तटीय क्षेत्रों के पास न जाने को कहा गया. लाइव टेलीविजन पर समुद्र शांत दिखा. फिर भी सावधानी बरती जा रही है. यह क्षेत्र 2011 के भूकंप से अभी भी प्रभावित है. उस समय तीव्रता 9.0 थी.

भूकंप समुद्र के नीचे आया. इसने बड़ी सुनामी पैदा की. लगभग 18500 लोग मारे गए या लापता हो गए. फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के तीन रिएक्टर पिघल गए. यह जापान की युद्ध के बाद सबसे बड़ी आपदा थी. दुनिया में चेरनोबिल के बाद सबसे खराब परमाणु दुर्घटना मानी जाती है. लोग अब भी उस दर्द को याद करते हैं. नई चेतावनी से पुरानी यादें ताजा हो गईं. 

जापान का भूकंप प्रवण क्षेत्र

जापान प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर के पश्चिमी किनारे पर है. यहां चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं. देश दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप वाले इलाकों में है. हर साल लगभग 1500 भूकंप आते हैं. ज्यादातर हल्के होते हैं. लेकिन जगह और गहराई के आधार पर नुकसान अलग होता है. लोग भूकंप की तैयारी में रहते हैं. सरकारी एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं. अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं है. लेकिन चेतावनी बरकरार है. तटवर्ती इलाकों में लोग ऊंची जगहों पर जा रहे हैं. बचाव दल तैयार हैं. मौसम एजेंसी लगातार निगरानी कर रही है. एनएचके लोगों को अपडेट दे रहा है. भूकंप के झटके दूर तक महसूस हुए. लेकिन मुख्य प्रभाव इवाते के आसपास है. 

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