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नई दिल्ली: अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर एच-1बी वीजा धारकों के लिए नई चिंता सामने आई है. हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें घरेलू यात्रा के दौरान गैर-अमेरिकी नागरिकों को अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के अधिकारियों ने पूछताछ के लिए रोका या हिरासत में लिया. इन मामलों के बाद इमिग्रेशन वकीलों ने सभी प्रवासियों को सलाह दी है कि वे देश के भीतर यात्रा करते समय अपनी कानूनी स्थिति से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने साथ रखें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन (AILA) के अनुसार, इस तरह की घटनाएं अमेरिका के कई राज्यों में दर्ज की गई हैं. इनमें कैलिफोर्निया, कोलोराडो, फ्लोरिडा, इलिनोइस, कंसास, मिशिगन, न्यू जर्सी, टेक्सास और वर्जीनिया जैसे राज्य शामिल हैं. इन घटनाओं ने प्रवासी समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कई लोग पूरी तरह वैध दस्तावेजों के साथ अमेरिका में रह रहे हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, जिन लोगों को रोका गया उनमें कई ऐसे भी थे जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. कुछ के ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित थे, जबकि कुछ शरण प्रक्रिया के तहत अमेरिका में रह रहे थे. कई लोगों के पास अमेरिकी सरकार की ओर से जारी रोजगार अनुमति पत्र (EAD) भी मौजूद था. हालांकि इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि ईएडी केवल काम करने की अनुमति देता है. इसे अमेरिका में वैध प्रवास का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जाता. इसलिए केवल ईएडी के भरोसे यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है.
इमिग्रेशन वकीलों ने सलाह दी है कि अमेरिका के भीतर यात्रा करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखें. इनमें वैध पासपोर्ट, सबसे नया फॉर्म I-94, ग्रीन कार्ड (यदि उपलब्ध हो), लंबित इमिग्रेशन आवेदन की रसीदें, वर्क परमिट कार्ड और वर्तमान नौकरी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं. ये कागजात जांच के दौरान आपकी कानूनी स्थिति साबित करने में मदद कर सकते हैं.
अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम करने वालों में बड़ी संख्या भारतीय पेशेवरों की है. जब किसी कर्मचारी के लिए ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू होती है, तो वह फॉर्म I-485 दाखिल करता है. इस दौरान कई लोग अपना एच-1बी स्टेटस नियमित रूप से बढ़वाते रहते हैं, जबकि कुछ केवल लंबित आवेदन और ईएडी के आधार पर काम करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भविष्य में ग्रीन कार्ड आवेदन अस्वीकार हो जाए और व्यक्ति का एच-1बी स्टेटस पहले ही समाप्त हो चुका हो, तो उसे कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे मामलों में हिरासत या निर्वासन की कार्रवाई भी संभव है.
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारतीय समुदाय से इस तरह की किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है. इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अधिकांश भारतीय पेशेवर समय-समय पर अपना एच-1बी या एल-1 वीजा नवीनीकृत कराते रहते हैं. इसके बावजूद वकीलों ने सलाह दी है कि जिन लोगों का I-94 समाप्त हो चुका है, वीजा विस्तार लंबित है या जो केवल ईएडी पर निर्भर हैं, उन्हें यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और बिना जरूरी दस्तावेजों के सफर करने से बचना चाहिए.