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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक चुनौतियों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सोमवार को विदेश संबंधों पर चर्चा करते हुए नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अकेला पड़ने की बातों को खारिज किया। उन्होंने खुलकर कहा कि भारत से मिलने वाला समर्थन इजरायल के लिए बेहद अमूल्य है और पीएम मोदी उनके सबसे करीबी दोस्तों में से एक हैं।
नेतन्याहू के इस बयान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरणों के बावजूद नई दिल्ली और तेल अवीव के रिश्ते मजबूत आधार पर टिके हैं। तनावपूर्ण माहौल में नेतन्याहू का यह बयान भारत की उस तटस्थ और मजबूत वैश्विक छवि को भी रेखांकित करता है, जिसे दुनिया के देश सम्मान की नजर से देखते हैं।
रणनीतिक साझेदारियों में बड़ा निवेश
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल के एकाकी पड़ने के दावों का जवाब देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार दुनिया के नए और भरोसेमंद साझेदारों के साथ संबंधों को लगातार मजबूत कर रही है। इसमें भारत सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इजरायली पीएम के मुताबिक, दोनों देशों के हित आपस में जुड़े हैं, इसलिए इजरायल भारत के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में व्यापक निवेश कर रहा है।
2026 की नई ऊंचाई
भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय सहयोग बीते कुछ वर्षों में रक्षा, साइबर सुरक्षा, व्यापार, कृषि और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में काफी आगे बढ़ा है। साल 2018 में जब नेतन्याहू ने भारत का दौरा किया था, तब 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसने रणनीतिक साझेदारी का ढांचा तैयार किया।
इस संबंध को नया मोड़ 2026 में मिला, जब दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का नया नाम दिया। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिजों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और श्रम जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नए आयाम पर ले जाने पर सहमति बनी।
इजरायली प्रधानमंत्री लंबे समय से भारत को दुनिया की एक उभरती हुई महाशक्ति मानते रहे हैं। उन्होंने बार-बार दोहराया है कि भारत की तकनीकी क्षमता, विशाल बाजार और संतुलित विदेश नीति उसे इजरायल का एक अनिवार्य सहयोगी बनाती है। तनावपूर्ण माहौल में नेतन्याहू का यह बयान भारत की उस तटस्थ और मजबूत वैश्विक छवि को भी रेखांकित करता है, जिसे दुनिया के देश सम्मान की नजर से देखते हैं।