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सेना प्रमुख को काठमांडू में दिया गया 'मानद जनरल' का सर्वोच्च सम्मान

भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक और सांस्कृतिक साझीदारी को नई मजबूती देते हुए नेपाल ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ को एक विशेष सम्मान से नवाजा है।

Calendar Last Updated : 18 August 2026, 06:48 PM IST
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नई दिल्ली: भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक और सांस्कृतिक साझीदारी को नई मजबूती देते हुए नेपाल ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ को एक विशेष सम्मान से नवाजा है। काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन 'शीतल निवास' में आयोजित एक भव्य अलंकरण समारोह के दौरान नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को नेपाली सेना के 'मानद जनरल' की उपाधि प्रदान की। नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे भारतीय थल सेनाध्यक्ष की यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास और ऐतिहासिक रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।

1950 से चली आ रही सैन्य परंपरा

एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि देने की यह परंपरा साल 1950 में शुरू हुई थी, जो आज भी जारी है। इस ऐतिहासिक व्यवस्था के तहत भारत और नेपाल परस्पर सम्मान के प्रतीक के रूप में एक-दूसरे के सैन्य प्रमुखों को यह सर्वोच्च पद प्रदान करते हैं। 

अपनी इस यात्रा के दौरान जनरल सेठ ने नेपाली सेना के मुख्यालय पहुंचकर जनरल अशोक राज सिग्देल से द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया। 

राष्ट्रपति भवन में मिली 'मानद जनरल' की उपाधि

शीतल निवास में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में दोनों देशों के शीर्ष कूटनीतिक और सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति देखने को मिली। इस अवसर पर नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव मुख्य रूप से मौजूद रहे। 

इसके अलावा नेपाली सेना तथा नेपाल सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पल के साक्षी बनकर दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों का समर्थन किया।

द्विपक्षीय रक्षा सहयोग

भारतीय दूतावास ने इस यात्रा को साझा मूल्यों और परस्पर विश्वास पर आधारित विशिष्ट रक्षा साझेदारी की पुष्टि बताया है। अपने प्रवास के दौरान जनरल सेठ ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात कर नई दिल्ली और काठमांडू के संबंधों को सुदृढ़ करने पर विचार साझा किए। इसके साथ ही, उन्होंने नेपाली सेना मुख्यालय परिसर में पौधा रोपित किया और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। सहयोग की भावना को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना प्रमुख ने नेपाली सेना को आवश्यक सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे।

पूर्व सैनिकों के साथ संवाद 

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में जनरल धीरज सेठ पोखरा का दौरा करेंगे, जहां वे पूर्व सैनिक रैली में भाग लेंगे। इस दौरान वे भारतीय सेना के वीर सैनिकों, वीर नारियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगे। दोनों देशों के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जनकपुर-अयोध्या और लुंबिनी-बोधगया जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक तारों से जुड़े हैं। 'रोटी-बेटी के रिश्ते' के रूप में विख्यात यह अनूठा संबंध क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने में दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाता है।

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