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PM Shahbaz Sharif: भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने पंजाब के कामरा एयरबेस पर सैनिकों से बातचीत करते हुए कहा कि हम शांति के लिए भारत से बातचीत करने को तैयार हैं.
शहबाज ने कश्मीर मुद्दे को शांति की शर्तों में शामिल बताया. हालांकि भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं और रहेंगे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत ने उनके देश की कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया है और दुनिया के सामने अपनी ताकत का उदाहरण पेश किया है.
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देने के लिए 6-7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. भारतीय सेना के जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया. भारत द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए. भारत ने इस ऑपरेशन के माध्यम से दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाया था. हालांकि इसके बाद पाकिस्तान ने 8 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने की कोशिश की. लेकिन, भारतीय डिफेंस सिस्टम के सामने उनके मिसाइल और ड्रोन फेल हो गए. भारतीय बलों ने इसका कड़ा जवाब दिया.
शहबाज शरीफ ने कामरा एयरबेस पर उप प्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और वायुसेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू के साथ सैनिकों से मुलाकात की. यह उनकी 10 मई की सहमति के बाद दूसरी रक्षा सुविधा यात्रा थी. इससे पहले, बुधवार को उन्होंने सियालकोट के पसरूर छावनी का दौरा किया और सैनिकों का मनोबल बढ़ाया. भारत ने शहबाज के प्रस्ताव पर सतर्क रुख अपनाया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद के मुद्दे पर होगी. भारत ने साफ किया कि पाकिस्तान को आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा और आतंकवादियों की सूची सौंपनी होगी. भारत का कहना है कि शांति के लिए आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल जरूरी है.