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नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. स्थानीय संगठन संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे इलाके में नाराजगी और बढ़ गई है.
प्रशासन ने शुक्रवार को जेएएसी को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सरकार का आरोप है कि पिछले साल हुए हिंसक प्रदर्शनों में इस संगठन की भूमिका रही थी.
सरकार के इस कदम के बाद संगठन से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. इसके विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
दरअसल प्रशासन ने जुलाई में आम चुनाव कराने की घोषणा की है. इसके बाद जेएएसी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 9 जून को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था. संगठन का कहना था कि जनता की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही सरकार ने संगठन पर प्रतिबंध लगाकर कार्रवाई शुरू कर दी. इससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है.
शनिवार को रावलकोट में हालात तब और बिगड़ गए, जब गोलीबारी की एक घटना में जेएएसी के एक सदस्य की मौत हो गई. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई.
क्षेत्रीय गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, स्थानीय नागरिक सरकार के फैसले को दमनकारी बता रहे हैं.
POK में बढ़ते विरोध प्रदर्शन अब पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं. विपक्षी समूह सरकार पर लोगों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहे हैं. आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है.