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नई दिल्ली: रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी अगर आपको देर तक नींद नहीं आती और बार-बार करवटें बदलनी पड़ती हैं, तो यह परेशानी की बात हो सकती है. अच्छी नींद न मिलने से अगले दिन थकान, सुस्ती और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
अगर ऐसा रोज होने लगे, तो इसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ सकता है. 'Johns Hopkins Medicine' के अनुसार, पर्याप्त नींद न लेने से मूड, याददाश्त और शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है. कुछ रिसर्च में यह भी बताया गया है कि केले के छिलके से बनी चाय शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है, जिससे अच्छी नींद आने में सहायक हो सकती है.
केला एक पौष्टिक फल है, लेकिन इसके छिलके को ज्यादातर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. हालांकि, कई अध्ययनों के अनुसार केले के छिलके में मैग्नीशियम, पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को आराम देने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि कुछ रिसर्च में केले के छिलके की चाय को बेहतर नींद के लिए एक प्राकृतिक विकल्प बताया गया है.
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार केले में विटामिन C, विटामिन B6, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, ट्रिप्टोफैन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. वहीं 'Journal of Depression and Anxiety' में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि नींद की समस्या से जूझ रहे 50 लोगों को 4 सप्ताह तक केले के छिलके का अर्क दिया गया. इसके बाद कई प्रतिभागियों की नींद से जुड़ी परेशानी में सुधार देखा गया. 'NCBI' में प्रकाशित एक अन्य स्टडी के अनुसार केले के छिलके में मौजूद ट्रिप्टोफैन, मैग्नीशियम और पोटैशियम बेहतर नींद में मदद कर सकते हैं.
ट्रिप्टोफैन: यह एक अमीनो एसिड है, जो शरीर में 'सेरोटोनिन' और फिर 'मेलाटोनिन' बनने में मदद करता है. मेलाटोनिन वह हार्मोन है, जो हमारी नींद के चक्र को नियंत्रित करता है.
मैग्नीशियम: केले के छिलके में अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है. यह शरीर और दिमाग को शांत करने में मदद कर सकता है, जिससे अच्छी नींद आने में सहायता मिल सकती है.
पोटैशियम: पोटैशियम मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. रात में होने वाली ऐंठन या क्रैम्प्स कम होने से नींद बार-बार टूटने की संभावना भी घट सकती है.
इसके अलावा, केले के छिलके की चाय में 'कैफीन नहीं होता', इसलिए इसे सोने से पहले पीने के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है.
NIH की एक स्टडी के अनुसार केले के छिलके में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जो 'सेरोटोनिन' और 'मेलाटोनिन' के स्तर को प्रभावित करने में मदद कर सकते हैं. सेरोटोनिन मन को शांत रखने में मदद करता है, जबकि मेलाटोनिन अच्छी नींद के लिए जरूरी हार्मोन है. यही वजह है कि कुछ लोग सोने से पहले केले के छिलके की चाय पीते हैं और इसे "स्लीप ड्रिंक" भी कहा जाता है.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन अध्ययनों के आधार पर संभावित लाभ बताए गए हैं. अगर आपको लंबे समय से 'अनिद्रा (Insomnia)' या लगातार नींद न आने की समस्या है, तो केवल केले के छिलके की चाय पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम होगा.
Sleep Foundation के अनुसार केले के छिलके की चाय बनाने से पहले केले को अच्छी तरह धो लें, ताकि उस पर लगी धूल-मिट्टी या रसायन साफ हो जाएं. इसके बाद आप इसे इन तरीकों से बना सकते हैं.
तरीका 1
केले के छिलके को 8–10 मिनट तक पानी में उबालें.
स्वाद के लिए इसमें दालचीनी और थोड़ा शहद मिला सकते हैं.
चाय को छानकर पी लें, चाहें तो बिना दालचीनी और शहद के भी इसका सेवन कर सकते हैं.
तरीका 2
केले के छिलके को सुखाकर किसी साफ कंटेनर में रख लें.
सोने से पहले सूखे छिलके या उसके पाउडर को 8–10 मिनट तक पानी में उबालें.
इसके बाद चाय छान लें और स्वाद के अनुसार दालचीनी या शहद मिलाकर पी लें.
तरीका 3
पूरे केले को छिलके सहित 8–10 मिनट तक पानी में उबालें.
फिर पानी को छान लें और चाहें तो दालचीनी या शहद मिलाकर पी लें.
केले के छिलके की चाय में मैग्नीशियम, पोटैशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. वहीं दालचीनी और शहद मिलाने से इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी बढ़ जाते हैं. यह शरीर को रिलैक्स करने, अच्छी नींद लेने और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, इन फायदों की पुष्टि के लिए अभी और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है.
अगर आपको लंबे समय से नींद नहीं आती या 'इंसोम्निया (अनिद्रा)' की समस्या है, तो केवल केले के छिलके की चाय या दूसरी हर्बल टी पर निर्भर न रहें. लगातार नींद की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है. इसलिए सही कारण जानने और उचित इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें.