नई दिल्लीः अमेरिका और भारत के विवाद में रोज एक परेशानी सामने आ रही है. कई लोगों का कहना है कि ट्रंप अब युद्ध की बांसुरी बजा रहे हैं. उनके इशारे और भारत पर लेग टैरिफ से यह सब साफ पता चलता है.
हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के एक चौंकाने वाले खुलासे ने कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसने और अमेरिका की व्यापारिक रणनीति की आलोचना करने का दोहरा मौका दे दिया है. यह मुद्दा अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बॉलीवुड स्टाइल कटाक्ष और रणनीतिक बहस का केंद्र बन गया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री की हग डिप्लोमेसी (गले मिलने की कूटनीति) पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए फिल्मी अंदाज में कहा, "हग हग न रहा, पोस्ट पोस्ट न रहा."
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी दोस्ती और सार्वजनिक मंचों पर उनके दोस्ताना व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए रमेश ने आगे कहा, "क्या से क्या हो गया, बेवफा तेरी दोस्ती में." उनका संकेत साफ था कि जिस व्यक्तिगत केमिस्ट्री का ढिंढोरा पीटा गया, वह देश को व्यापारिक मोर्चे पर कोई ठोस राहत दिलाने में नाकाम रही. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट वायरल हो रहा है.
Hug हग ना रहा
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 9, 2026
Post पोस्ट ना रहा
क्या से क्या हो गया बेवफ़ा तेरे दोस्ती में pic.twitter.com/ofy0ML28bx
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक संतुलित लेकिन कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि डील केवल इसलिए टूटी क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया.
तिवारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए "बेवकूफी भरा तरीका" करार दिया। उनका कहना था कि दो देशों के रिश्ते केवल एक फोन कॉल पर निर्भर नहीं होते. वहीं भारत और अमेरिका के बीच गहरा सभ्यतागत और रणनीतिक रिश्ता है, जिसे ट्रंप प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है. अमेरिकी प्रशासन को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक अहमियत को समझना चाहिए.