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'चारो तरफ केवल चीख', स्विट्जरलैंड बार आग हादसे के पीड़ितों ने बताई पूरी कहानी, अब तक 47 की मौत

नए साल के जश्न को खुशी का मौका मानकर सैकड़ों युवा स्विट्जरलैंड के मशहूर अल्पाइन रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में जमा हुए थे, लेकिन यह रात भयानक त्रासदी में बदल गई. नए अपडेट के मुताबिक इस घटना में 47 लोगों की जान चली गई. 

Calendar Last Updated : 02 January 2026, 10:58 AM IST
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नए साल के जश्न को खुशी का मौका मानकर सैकड़ों युवा स्विट्जरलैंड के मशहूर अल्पाइन रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में जमा हुए थे, लेकिन यह रात भयानक त्रासदी में बदल गई. ले कॉन्स्टेलेशन नाम के बेसमेंट बार और नाइटक्लब में आधी रात के बाद अचानक लगी भीषण आग ने अफरा-तफरी मचा दी. पहले रिपोर्ट में बताया गया कि इस घटना में 40 लोगों की मौत हो गई, हालांकि नए अपडेट के मुताबिक इस घटना में 47 लोगों की जान चली गई. 

चश्मदीदों के अनुसार, आग की शुरुआत नए साल के जश्न के दौरान हुई, जब बार स्टाफ ने शैंपेन की बोतलों में स्पार्कलर्स (आतिशबाजी वाली मोमबत्तियां) जलाकर सर्व कीं. एक महिला वेट्रेस को बारटेंडर के कंधों पर चढ़कर बोतल उठाते देखा गया, जिसमें जलती स्पार्कलर्स लकड़ी की छत के करीब पहुंच गईं. कुछ ही सेकंड में लपटें छत पर फैल गईं और पूरे क्लब में घना धुआं भर गया. 

चश्मदीदों ने सुनाया खौफनाक मंजर

एम्मा नाम की एक बची हुई महिला ने बताया कि आग छत पर बेहद तेजी से फैली. छत के हिस्से गिरने लगे और लोग संकरी सीढ़ी की ओर भागे. एक अन्य गवाह ने कहा कि धुएं और आग की लपटों से बचने के लिए लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले. बाहर सड़क पर घायलों को देखकर माता-पिता अपने बच्चों को बेताबी से ढूंढ रहे थे. रॉयटर्स द्वारा सत्यापित वीडियो में आग की लपटें तेजी से फैलते और भीड़ के भागते दिखाई दे रही हैं. बचे हुए लोगों ने पूरी तरह अफरा-तफरी का वर्णन किया.

16 साल के फ्रांसीसी युवक एक्सेल क्लैवियर ने बताया कि क्लब में धुआं भरते ही सांस लेना मुश्किल हो गया. उन्होंने एक टेबल के पीछे छिपकर प्लेक्सीग्लास खिड़की तोड़ी और बाहर निकले. उनके एक दोस्त की मौत हो गई, जबकि कुछ लापता हैं. एक्सेल ने कहा कि मैं अपनी जैकेट, जूते, फोन सब खो चुका हूं, लेकिन जिंदा हूं. ये सिर्फ सामान है.

बचाव कार्य और पीड़ितों की स्थिति

पुलिस को सुबह करीब 1:30 बजे धुएं की सूचना मिली. मौके पर 150 बचावकर्मी, 10 हेलीकॉप्टर और 40 एम्बुलेंस तैनात की गईं. घायलों का इलाज पास की इमारतों में अस्थायी केंद्रों में शुरू किया गया, फिर उन्हें लॉज़ेन, ज्यूरिख और अन्य शहरों के अस्पतालों में भेजा गया.कई पीड़ितों को गंभीर जलन हुई है, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो रही है. 

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