Courtesy: X @s1owseph
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान से सहमति जताई है, जिसमें अमेरिका को एक ''पतनशील राष्ट्र" बताया गया था. हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि यह टिप्पणी उनके कार्यकाल पर नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के शासनकाल पर लागू होती है.
बीजिंग में आयोजित उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप ने कहा कि वह शी जिनपिंग के आकलन से "सौ प्रतिशत" सहमत हैं. उन्होंने दावा किया कि बाइडेन प्रशासन के चार वर्षों के दौरान अमेरिका को भारी नुकसान झेलना पड़ा, जबकि उनके नेतृत्व में देश ने तेजी से प्रगति की है.
ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग का इशारा उस दौर की ओर था जब जो बाइडेन सत्ता में थे. उन्होंने अपने प्रशासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले "16 शानदार महीनों" में अमेरिका ने आर्थिक, सैन्य और रणनीतिक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है.
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "खुली सीमाओं, उच्च करों, सभी के लिए ट्रांसजेंडर नीतियों, महिलाओं के खेलों में पुरुषों की भागीदारी, विविधता और समानता, भयानक व्यापार सौदों, व्यापक अपराध और बहुत कुछ के कारण हमारे देश को अथाह नुकसान उठाना पड़ा है."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके कार्यकाल में शेयर बाजार और 401K रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका एक बार फिर आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और दुनिया भर के देश अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग का जिक्र ट्रंप प्रशासन के 16 शानदार महीनों के दौरान अमेरिका द्वारा दुनिया को दिखाए गए अविश्वसनीय उत्थान से नहीं कर रहे थे."
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में रोजगार के नए रिकॉर्ड बने हैं और उनकी सरकार ने उन नीतियों को खत्म किया है जिन्हें वह देश के लिए नुकसानदायक मानते हैं.
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, "दो साल पहले, वास्तव में, हम एक पतनशील राष्ट्र थे. लेकिन अब, संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे समृद्ध राष्ट्र है."
उन्होंने यह भी दावा किया कि शी जिनपिंग ने कम समय में हासिल की गई 'जबरदस्त सफलताओं' के लिए उन्हें बधाई दी है. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे.
बीजिंग में हुई इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान, ईरान और अमेरिका-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. बैठक में शी जिनपिंग ने सहयोग पर जोर देते हुए प्रतिद्वंद्विता और टकराव से बचने की अपील की.