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नई दिल्ली: चीन के हाईटेक सर्विलांस सिस्टम की चर्चा दुनिया भर में होती रही है, लेकिन इस बार बीजिंग से सामने आई एक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे को कवर करने पहुंचे एक पत्रकार को तब चीन की निगरानी व्यवस्था का अंदाजा हुआ, जब महज कुछ मिनट की गलती पर तुरंत जुर्माने का मैसेज उनके फोन पर पहुंच गया.
बीजिंग की सड़कों पर इन दिनों विदेशी मीडिया की हलचल बढ़ी हुई है. इसी दौरान हुई एक ऐसी घटना जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. रिपोर्टिंग के दौरान उनकी गाड़ी गलत जगह कुछ देर के लिए रुकी और कुछ ही मिनटों में चालान का नोटिफिकेशन फोन पर आ गया.
ब्रेट बेयर चीन के सख्त सर्विलांस सिस्टम पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार कर रहे थे. उन्होंने कैमरे के सामने बताया कि हैडियन स्टेशन के एक छोटे से हिस्से में ही करीब 20 कैमरे लगे हुए हैं. वह इन कैमरों की गिनती कर ही रहे थे कि तभी उनके ड्राइवर के फोन पर जुर्माने का मैसेज आया. जानकारी मिली कि सिर्फ 2 मिनट की गलत पार्किंग के कारण करीब 40 डॉलर का चालान काट दिया गया.
चीन का सर्विलांस नेटवर्क दुनिया के सबसे एडवांस निगरानी सिस्टम में गिना जाता है. ब्रेट बेयर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सिर्फ इसी साल बीजिंग में 1,500 नए हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फेस रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए लोगों की पहचान करने और तुरंत कार्रवाई करने में भी सक्षम हैं. यही वजह है कि बीजिंग में लोग सड़क पार करने से लेकर पार्किंग तक हर नियम को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं.
अमेरिकी पत्रकार के साथ हुई यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है. लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि आधुनिक तकनीक ने सुरक्षा और निजता की सीमाओं को किस तरह बदल दिया है. एक तरफ चीन के इस सिस्टम को अपराध रोकने और कानून व्यवस्था मजबूत करने का जरिया माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ इतनी कड़ी निगरानी व्यवस्था को देखकर विदेशी मीडिया भी हैरान नजर आ रहा है. बीजिंग का लगभग हर इलाका अब एक डिजिटल निगरानी नेटवर्क के दायरे में दिखाई देता है.