अमेरिका की सेना पर प्रेसिडेंट की खास नजर, मजबूत सेना बनाने के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर का डिफेंस बजट का प्रस्ताव

ट्रंप ने इस फैसले को सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों से लंबी चर्चाओं का नतीजा बताया. उनका तर्क है कि बढ़ते वैश्विक खतरों से निपटने के लिए अमेरिका को मजबूत सैन्य तंत्र की जरूरत है.

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Courtesy: X (@MargoMartin47)

वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 के रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. उन्होंने बजट को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का प्रस्ताव रखा, जो 2026 के 901 बिलियन डॉलर से काफी अधिक है. 

ट्रंप का कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण समय में यह कदम अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है. इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है, खासकर जब ट्रंप हाल ही में वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और कोलंबिया जैसे क्षेत्रों में सैन्य हस्तक्षेप की बात कर चुके हैं.

रक्षा बजट में वृद्धि का आधार

ट्रंप ने इस फैसले को सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों से लंबी चर्चाओं का नतीजा बताया. उनका तर्क है कि बढ़ते वैश्विक खतरों से निपटने के लिए अमेरिका को मजबूत सैन्य तंत्र की जरूरत है. 2027 के लिए प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर का बजट मौजूदा आवंटन से 50 प्रतिशत अधिक होगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह राशि अमेरिका को 'सपनों की सेना' बनाने में मदद करेगी, जो दुश्मनों से बिना डर के देश की रक्षा कर सकेगी. उन्होंने जोर दिया कि यह फैसला देश की भलाई को ध्यान में रखकर लिया गया है, खासकर ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक संघर्ष चरम पर हैं.

हाल के घटनाक्रमों से इस प्रस्ताव का सीधा संबंध दिखता है. ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार करने के लिए अमेरिकी सैन्य अभियान का आदेश दिया है. कैरेबियन सागर में अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ाई जा रही है. इसके अलावा, ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की इच्छा जताई है और कोलंबिया में सैन्य कार्रवाइयों को हरी झंडी देने के संकेत दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम अमेरिका की विस्तारवादी नीति को दर्शाते हैं, जो वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं.

टैरिफ राजस्व से जुड़ा बजट

ट्रंप ने बजट बढ़ोतरी को विदेशी देशों पर लगाए गए टैरिफ से प्राप्त राजस्व से जोड़ा है. उनका कहना है कि इन टैरिफों से आने वाली भारी आय ने इस फैसले को संभव बनाया है. ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका को 'लूटा' गया था, लेकिन अब टैरिफ से मिलने वाली रकम से न केवल सैन्य बजट बढ़ाया जा सकता है, बल्कि कर्ज चुकाने और मध्यम वर्ग को लाभ पहुंचाने में भी मदद मिलेगी. उन्होंने इसे एक 'अकल्पनीय' अवसर बताया, जो अमेरिका को विश्व की सबसे मजबूत सेना बनाने का मौका देगा. 

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