केजरीवाल-सिसोदिया को कोर्ट से बड़ी राहत, शराब घोटाले में बरी होकर हुए भावुक

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें अब दिल्ली शराब नीति मामले के सभी आरोंपो से बरी कर दिया है. इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए.

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Courtesy: ANI

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत से राहत मिली है. अदालत ने उन्हें अब दिल्ली शराब नीति मामले के सभी आरोंपो से बरी कर दिया है. इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए. उन्होंने इस मौके पर कहा कि उन्हें उनके घर से उठाकर जेल में डाल दिया गया था. लेकिन इससे उनका हौसला नहीं टूटा. लगभग दो साल बाद, जब एक अदालत ने उन्हें दिल्ली शराब नीति मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया, तो वे फूट-फूटकर रो पड़े.

यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया था कि नीति के जरिए कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया, लाइसेंस शुल्क में ढील दी गई और इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ. इसी आधार पर भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप लगाए गए थे.

केजरीवाल ने लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप 

अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'बड़ी राजनीतिक साजिश' बताया है. उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी को कमजोर करने के लिए उसके शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर महीनों तक जेल में रखा गया.

मनीष सिसोदिया का किया जिक्र

अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्हें लगभग दो साल तक जेल में रखा गया. प्रेस वार्ता के दौरान भावुक होते हुए केजरीवाल रो पड़े, जिस पर सिसोदिया ने आगे बढ़कर उन्हें गले लगाया.

अदालत का फैसला और सीबीआई पर टिप्पणी

राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि एजेंसी का मामला ठोस सबूतों की बजाय अनुमानों पर आधारित था. इस कारण अदालत ने जांच पद्धति पर भी सवाल उठाए.खास तौर रूप से गवाहों को माफी देकर उनके बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों को फंसाने की कोशिश को न्यायालय ने अनुचित करार दिया. साथ ही आगे ऐसे व्यवहार को अस्वीकार्य बताया. 

 

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