menu-icon
The Bharatvarsh News

भारत-पाकिस्तान एशिया कप मुकाबले को लेकर बढ़ा विवाद, आतंकवाद और राष्ट्रीय भावनाओं पर उठा सवाल

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर देश में तीखी बहस छिड़ गई है. कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है.

Calendar Last Updated : 14 September 2025, 10:38 AM IST
Share:

India Pakistan Cricket Match: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर देश में तीखी बहस छिड़ गई है. कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. इस हमले में ज्यादातर पर्यटक मारे गए थे. विपक्षी दलों ने इस मैच को पहलगाम हमले के पीड़ितों और सीमा पर शहीद सैनिकों का अपमान करार दिया है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मैच के खिलाफ महाराष्ट्र में 'सिंदूर' विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने कहा कि जब तक आतंकवाद बंद नहीं होता, पाकिस्तान के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या सरकार 'ऑपरेशन सिंदूर' को रद्द करने जा रही है. ठाकरे ने लोगों से अपील की कि वे इस मैच का बहिष्कार करें, क्योंकि पहलगाम के जख्म अभी ताजा हैं.  

मैच का हो रहा विरोध

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी विरोध जताया. उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ पाकिस्तानी खिलाड़ियों का पुतला जलाया और कहा कि यह मैच पहलगाम हमले में अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं का अपमान है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान हमारी विधवाओं का मजाक उड़ाता है, फिर भी हम उनके साथ क्रिकेट खेल रहे हैं. पहलगाम हमले में मारे गए कानपुर के व्यवसायी शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने भी इस मैच का विरोध किया. उन्होंने इसे 'बेहद असंवेदनशील' फैसला बताया और बीसीसीआई पर पीड़ितों की भावनाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. ऐशान्या ने कहा कि बीसीसीआई के लिए शहादत का कोई मूल्य नहीं है. शायद इसलिए कि उन्होंने अपना कोई करीबी नहीं खोया.

विपक्षी दलों की आलोचना  

कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और एआईएमआईएम जैसे दलों ने भी इस मैच के फैसले की कड़ी निंदा की है. नेताओं का कहना है कि जब सीमा पर सैनिक अपनी जान गंवा रहे हैं, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान है. दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया है. शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि ठाकरे ने सत्ता के लिए हिंदुत्व छोड़ा और अब विरोध का ढोंग कर रहे हैं. वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि मैच का फैसला उचित मंच पर लिया गया है. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में मतभेद स्वाभाविक हैं. कुछ लोग इसे समर्थन दे सकते हैं, कुछ विरोध. बीजेपी सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान का सामना कर सकता है, लेकिन द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों पर उसका रुख नहीं बदला है. ठाकुर ने बताया कि एसीसी और आईसीसी टूर्नामेंट में भागीदारी नियमों के तहत जरूरी है, वरना टीम को अंक गंवाने पड़ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करता, भारत उसके साथ द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेलेगा.

सम्बंधित खबर

Recent News