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Har Ghar Tiranga: झंडा फहराते वक्त ना करें ये गलतियां, जानें इसके विशेष नियम

राष्ट्रीय ध्वज हमारी आज़ादी और एकता का प्रतीक है. इसे फहराने के लिए कुछ मुख्य नियम हैं. हालांकि इन नियमों पर बहुत लोग ध्यान नहीं दे पाते हैं, लेकिन ऐसा करना ही झंडे का अपमान करना होता है.

Calendar Last Updated : 14 August 2025, 10:18 AM IST
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Har Ghar Tiranga: स्वतंत्रता दिवस जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान की गूंज तेज हो रही है. घरों, दफ्तरों और गलियों में केसरिया, सफेद और हरे रंग के तिरंगे की शान बिखरने को तैयार है. लेकिन क्या आप जानते हैं, तिरंगे को फहराने और संभालने के भी अपने नियम हैं, जिन्हें भारतीय ध्वज संहिता, 2002 में स्पष्ट रूप से बताया गया है. 

राष्ट्रीय ध्वज हमारी आज़ादी और एकता का प्रतीक है. इसे फहराने के लिए कुछ मुख्य नियम हैं. हालांकि इन नियमों पर बहुत लोग ध्यान नहीं दे पाते हैं, लेकिन ऐसा करना ही झंडे का अपमान करना होता है. इसलिए इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. तो आइए जानते हैं, इस स्वतंत्रता दिवस तिरंगा फहराते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

झंडा फहराने का नियम क्या है?

इन बातों पर ध्यान देना जरूरी

  • तिरंगा की लंबाई और ऊंचाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए.
  • इसे खादी, सूती, ऊन, रेशम, पॉलिएस्टर या मशीन से बने कपड़े से तैयार किया जा सकता है.
  • कोई भी नागरिक, संगठन या संस्था सम्मानपूर्वक इसे फहरा सकती है.
  • अब तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है, बशर्ते रात में उचित प्रकाश की व्यवस्था हो.
  • इसे हमेशा सबसे ऊंचे और प्रमुख स्थान पर लगाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे.
  • फटे, गंदे या फीके तिरंगे का प्रयोग न करें.

भूल कर भी ना करें ये गलती 

तिरंगे को उल्टा न फहराएं.

  • इसके पास समान ऊंचाई पर कोई अन्य झंडा न लगाएं.
  • झंडे पर माला, फूल या प्रतीक चिह्न न रखें.
  • इसे कभी भी गंदा, फटा या क्षतिग्रस्त अवस्था में न रखें.
  •  कागज के झंडों को भी सावधानी से रखें, ताकि वे जमीन या पानी को न छूएं

तिरंगे को मोड़ने के नियम

स्वतंत्रता मनाने का मतलब यह नहीं है कि आप केवल झंडा फहराए और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बने और फिर भूल जाएं. बल्कि झंडा फहराने के बाद तिरंगे को मोड़ने का भी खास नियम है. संस्कृति मंत्रालय के अनुसार झंडा फहराने के बाद इसे क्षैतिज रूप से रखें. साथ ही केसरिया और हरे रंग की पट्टियां, सफेद पट्टी के नीचे मोड़ें. इसके बाद  सफेद पट्टी को इस तरह मोड़ें कि केवल अशोक चक्र दिखे. इसके बाद मोड़े हुए तिरंगे को सुरक्षित स्थान पर रखें. राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत, राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना अपराध है. इसके लिए दोषी को तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

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