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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णानगर अदालत ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है. बता दें, यह मामला महिलाओं के कथित अपमान, नफरत फैलाने वाले भाषण और अन्य आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है. वहीं इस मामले में अदालत ने पुलिस को वारंट की तामील की रिपोर्ट 28 अगस्त को पेश करने का निर्देश दिया है.
सामने आई जानकारी के अनुसार, मामले में महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत के बाद अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए कई बार समन भेजे। लेकिन अदालत के मुताबिक, इन समनों के बावजूद सांसद निर्धारित तारीखों पर पेश नहीं हुईं.
मंगलवार को भी न्यायाधीश ने उन्हें अगले दिन अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था. हालांकि, बुधवार को भी जब महुआ मोइत्रा अदालत नहीं पहुंचीं, तो तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की ओर से लगातार न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. कोर्ट के मुताबिक, बार-बार आदेश की अनदेखी से यह संकेत मिलता है कि आरोपी अदालत की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रही हैं. इसी आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला किया.
बता दें, सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने कहा कि सांसद के लिए अदालत परिसर में पहुंचना आसान नहीं होगा. वकील ने आशंका जताई कि अगर वह कोर्ट में आती हैं तो बाहर उनके साथ बदसलूकी या हंगामा हो सकता है. वहीं, अदालत ने दर्ज किया कि सांसद की ओर से यह कहा गया है कि वह किसी भी समय अदालत में पेश नहीं होंगी. कोर्ट ने इस रुख को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीरता की कमी के तौर पर देखा.
कृष्णानगर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शिकायत भारतीय कानून की धारा 79, 196, 299, 351 और 353(2) के तहत दर्ज की गई है. इन धाराओं में महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, आपराधिक धमकी और नफरत फैलाने वाले भाषण से जुड़े आरोप शामिल हैं. अब पुलिस को गिरफ्तारी वारंट की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट 28 अगस्त को अदालत में पेश करनी होगी. इसके बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी.