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DU PG Admission 2026: पीजी एडमिशन 2026 के स्पॉट राउंड-2 में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए जारी किए न्यूनतम अलोकेशन स्कोर

DU PG Admission 2026 के स्पॉट राउंड-2 के न्यूनतम अलोकेशन स्कोर जारी कर दिए गए हैं. उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर अपने कोर्स और कॉलेज के अनुसार स्कोर चेक कर सकते हैं.

Calendar Last Updated : 23 August 2026, 04:38 PM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय ने पीजी एडमिशन 2026 के स्पॉट राउंड-2 में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अलोकेशन स्कोर जारी कर दिए हैं. जिन अभ्यर्थियों ने इस राउंड में हिस्सा लिया था, वे डीयू के आधिकारिक एडमिशन पोर्टल पर जाकर अपने कोर्स और कॉलेज के हिसाब से न्यूनतम स्कोर की जानकारी देख सकते हैं.

जारी किए गए स्कोर से उम्मीदवारों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग पीजी प्रोग्राम और कॉलेज में स्पॉट राउंड-2 के दौरान आखिरी सीट किस न्यूनतम स्कोर पर आवंटित हुई. हालांकि, सिर्फ अलोकेशन स्कोर देखना ही पर्याप्त नहीं है. उम्मीदवारों को अपने एडमिशन की बाकी जरूरी प्रक्रियाएं भी समय पर पूरी करनी होंगी. 

क्या होता है न्यूनतम अलोकेशन स्कोर?

स्पॉट राउंड-2 का न्यूनतम अलोकेशन स्कोर उस उम्मीदवार के सबसे कम स्कोर को दर्शाता है, जिसे संबंधित पीजी प्रोग्राम और कॉलेज में सीट मिली है. अलग-अलग कोर्स और कॉलेज के लिए यह स्कोर अलग हो सकता है. इसके अलावा, विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के लिए भी न्यूनतम स्कोर में अंतर देखने को मिल सकता है. 

एक राउंड से दूसरे राउंड में अलोकेशन स्कोर बदलना सामान्य है. उपलब्ध सीटों की संख्या, उम्मीदवारों की पसंद, सीट अपग्रेड होने और कुछ उम्मीदवारों द्वारा एडमिशन न लेने जैसे कई कारणों से स्कोर ऊपर-नीचे हो सकता है. 

किन आधारों पर मिलती है सीट?

डीयू में पीजी सीट का आवंटन उम्मीदवार की योग्यता, संबंधित पाठ्यक्रम की पात्रता, श्रेणी और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाता है. अगर दो या उससे अधिक उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय के निर्धारित टाई-ब्रेकिंग नियम लागू किए जा सकते हैं.

एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

उम्मीदवारों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जारी न्यूनतम अलोकेशन स्कोर केवल उन प्रोग्राम्स के लिए हैं, जिनमें स्पॉट राउंड-2 के दौरान सीट आवंटित हुई है. स्कोर देखने के बाद अभ्यर्थियों को अपने अलॉटमेंट की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए. इसके बाद जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता से जुड़ी सभी शर्तें पूरी करना जरूरी होगा. किसी जानकारी में गलती मिलने पर उम्मीदवार डीयू के प्रवेश विभाग से संपर्क कर सकते हैं. एडमिशन से जुड़ा अंतिम फैसला विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार ही होगा.

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