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बांग्लादेश के रंगपुर में सामने आया एक खौफनाक वारदात, बंद घर में बरामद हुए 4 शव

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक ही हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव उनके बंद पड़े घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए गए हैं।

Calendar Last Updated : 23 August 2026, 05:03 PM IST
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नई दिल्ली: बांग्लादेश के रंगपुर शहर में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक ही हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव उनके बंद पड़े घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए गए हैं। मृतकों में सेवानिवृत्त शिक्षक, उनकी पत्नी, 23 वर्षीय बेटी और 12 साल का मासूम बेटा शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में इस भयावह घटना के पीछे लूटपाट और गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने घर का ताला तोड़कर जब भीतर प्रवेश किया, तो पूरे मकान में बिखरा हुआ सामान और अलग-अलग हिस्सों में पड़े शव देखकर हर कोई दंग रह गया।

अलग-अलग कमरों में बिखरे मिले शव

रंगपुर महानगर सीआईडी के प्रभारी सुबीर चौधरी के अनुसार, 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती का शव मकान की छत से मिला, जबकि उनकी 50 वर्षीया पत्नी प्रीतिलता और बेटी आगामी के शव सीढ़ियों पर पड़े मिले। 
वहीं सबसे छोटे बेटे प्रियम का शव बेड के नीचे से बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। 

परिजनों की सूचना पर हुआ खुलासा

इस दर्दनाक घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार से कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। मृतक महिला की बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि गुरुवार रात से ही परिवार के चारों सदस्यों के मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। लगातार संपर्क न होने पर शनिवार रात जब रिश्तेदार दासपाड़ा स्थित उनके तीन मंजिला आवास पर पहुंचे, तो मुख्य गेट पर ताला लटका था और अंदर अंधेरा था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा और भीतर से चार शव बरामद किए।

जांच में जुटीं सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच की टीमें

गणपति चक्रवर्ती पिछले साल रंगपुर जिला स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे और इन दिनों होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में अभ्यास कर रहे थे। उनकी बेटी ने अंग्रेजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी, जबकि बेटा पांचवीं कक्षा का छात्र था। रंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गहन जांच के आदेश दिए हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर बढ़ते हमलों के बीच इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे किसी सांप्रदायिक कोण या धार्मिक रंजिश के साक्ष्य नहीं मिले हैं।

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