Courtesy: social media
Haryana News:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा से सांसद शैलजा कुमारी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में काफी विकास हुआ है, जो पहले कभी भी नहीं हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं है. प्रदेश के हर शहर में लगे कूड़े के ढेर विकसित हरियाणा की पूरी तस्वीर बयां कर रहे हैं. सरकार सफाई के नाम पर अरबों का बजट पास कर रही है, लेकिन नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषदों में सफाई कर्मियों के पद आजतक नहीं भरे गए हैं.
शैलजा कुमारी ने कहा कि हालात ये हैं कि स्वच्छता सर्वेक्षण में हरियाणा 9वें पायदान से लुढ़कर 14वें पर पहुंच गया है. प्रदेश का कोई भी शहर टॉप 100 में नहीं शामिल है. इस पर शर्मसार होने की जगह सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है. मीडिया को जारी किए गए बयान में शैलजा कुमारी ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की रैंकिंग में हरियाणा को काफी बड़ा झटका लगा है. 100 से कम शहरी स्थानीय निकाय वाले राज्यों की श्रेणी में हरियाणा 9वें से 14वें पायदान पर आ गया है.
शैलजा कुमारी ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की टॉप 100 स्वच्छ शहरों की सूची में हरियाणा के भी पांच शहर शामिल थे. इनमें गुरुग्राम टॉप-20 में शामिल था. पिछले साल की रैंकिंग में गुरुग्राम 19वें, रोहतक 38वें, करनाल 85वें, पंचकूला 86वें और अंबाला 91वें पायदान पर था. रैंकिंग में गिरावट से पता चलता है कि हरियाणा में साफ-सफाई की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं है.
उन्होंने कहा कि जब सफाई के लिए इतना अधिक बजट पास किया जाता है तो भी शहर गंदे कैसे हैं. इसकी विजिलेंस जांच करानी चाहिए. उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन की ओर सरकार का कोई भी ध्यान नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने इसे कमाई का अड्डा बनाकर रख दिया है.