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दुनिया पर मंडरा रहा तेल संकट! IEA ने दी बड़ी चेतावनी, भारत कितना तैयार?

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की चेतावनी के बाद वैश्विक तेल संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीं, भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं.

Calendar Last Updated : 19 May 2026, 10:14 AM IST
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नई दिल्ली: दुनियाभर में बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने तेल भंडार को लेकर बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दुनिया के व्यावसायिक तेल स्टॉक तेजी से घट रहे हैं. हालात ऐसे बन रहे हैं कि कई देशों के पास अब केवल कुछ हफ्तों का ही तेल बचा है. इस बीच भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फैतिह बिरोल ने पेरिस में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर डाला है. बिरोल के मुताबिक, हालात को संभालने के लिए हर दिन लगभग 25 लाख बैरल तेल आपातकालीन भंडार से बाजार में छोड़ा जा रहा है. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि ये भंडार हमेशा के लिए नहीं हैं और अगर संकट लंबा चला तो दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है.

दो महीनों में रिकॉर्ड स्तर पर घटा तेल स्टॉक

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च और अप्रैल के दौरान वैश्विक तेल भंडार में तेज गिरावट दर्ज की गई. सिर्फ दो महीनों में करीब 24.6 करोड़ बैरल तेल कम हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के कारण आने वाले समय में तेल की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर और बढ़ सकता है. IEA ने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है.

भारत के पास कितना तेल भंडार मौजूद?

तेल संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने हाल ही में भरोसा दिलाया था कि भारत के पास फिलहाल पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार के अनुसार, देश के पास लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल का स्टॉक सुरक्षित है. इसके अलावा करीब 60 दिन का एलएनजी और 45 दिन का एलपीजी भंडार भी उपलब्ध है. हालांकि सरकार ने यह भी माना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ सकता है. 

फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

ऊर्जा संकट का असर अब भारत में ईंधन की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. मंगलवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में  90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी महंगा होकर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है. 

मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी तेल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई, जहां पेट्रोल की कीमत लगभग 110 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया है. चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. 

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