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'उनकी नींद उड़ जाएगी', विझिनजाम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह के उद्घाटन समारोह में PM मोदी ने कसा तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विझिनजाम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह का उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ केरल के सीएम पिनाराई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर मौजूद रहें. जिसके बाद पीएम मोदी ने मजाकिया ढंग से इंडिया गठबंधन पर तंज कसा है.

Calendar Last Updated : 02 May 2025, 02:49 PM IST
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Vizhinjam Port Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के विझिनजाम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह के उद्घाटन में पहुंचे. जहां उनके साथ कांग्रेस सांसद शशि थरूर नजर आए. इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया गठबंधन पर मजाकिया ढंग से तंज कसा है. इस मौके पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी मंच पर मौजूद नजर आए.

पीएम मोदी ने मजाकिया तरीके से कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इंडिया गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं और शशि थरूर भी यहीं हैं. यह आयोजन कई लोगों की नींद उड़ा देगी. पीएम मोदी का यह बयान तिरुवनंतपुरम में अडानी समूह द्वारा विकसित मेगा पोर्ट परियोजना के उद्घाटन के दौरान किया है. जिसे इंडिया गठबंधन द्वारा अक्सर क्रोनी कैपिटलिज्म के आरोपों के साथ जोड़ा गया है.

 थरूर और पीएम के नजदीकियों की अफवाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में दी है, जब शशि थरूर और पीएम मोदी की निकटता की अफवाहें काफी तेजी से फैल रही है. जब पीएम मोदी ने यह टिप्पणी की तो उस समय पर इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेता पिनाराई विजयन और शशि थरूर मंच पर मौजूद थे. मोदी सरकार की हमेशा आलोचना करने वाले कांग्रेस सांसद थरूर ने इन दिनों लगातार कई मुद्दों पर सरकार की तारीफ की है. उन्होंने हाल में रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कूटनीतिक वार्ता जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार की प्रशंसा की थी. वहीं भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने थरूर को कांग्रेस के समझदार नेता बताया था. 

ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह बनने से क्या बदलेगा?

विझिनजाम बंदरगाह भारत का पहला गहरे पानी का ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है. जिसे लगभग 8,867 करोड़ रुपये की लागत राशी से तैयार किया गया है. इस बंदरगाह को अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) और केरल सरकार की सार्वजनिक-निजी भागीदारी की मदद से तैयार किया गया है. जिसे 4 दिसंबर 2024 को वाणिज्यिक संचालन का प्रमाणपत्र दे दिया गया था. इस बंदरगाह की मदद से वैश्विक समुद्री व्यापार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी. यह कार्गो आवाजाही के लिए रणनीतिक प्रवेश द्वार प्रदान करेगा और कोलंबो जैसे विदेशी बंदरगाहों पर भारत की निर्भरता भी कम होगा.

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