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महाकुंभ पहुंचना होगा आसान, आज से प्रयागराज जाने वाली एयरलाइंस किराए में 50% की कटौती!

नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि महाकुंभ मेला 2025 में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हवाई किराए में 50% की कटौती की जाएगी. मंत्री ने बताया कि नए किराए 1 फरवरी से लागू होंगे. यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब सरकार ने एयरलाइन कंपनियों के साथ तीन बैठकें करने के बाद उन्हें टिकट की कीमतों में कटौती करने का निर्देश दिया था. 

Calendar Last Updated : 01 February 2025, 09:04 AM IST
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Prayagraj Flights: प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन चल रहा है. यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालु चार गुना ज्यादा किराया भी दे रहे हैं. महाकुंभ शुरू होने के बाद प्रयागराज पहुंचने वाली फ्लाइटों के दाम में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी. जिसके बाद अब किराए में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला लिया गया है. 

नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि महाकुंभ मेला 2025 में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हवाई किराए में 50% की कटौती की जाएगी. मंत्री ने बताया कि नए किराए 1 फरवरी से लागू होंगे. यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब सरकार ने एयरलाइन कंपनियों के साथ तीन बैठकें करने के बाद उन्हें टिकट की कीमतों में कटौती करने का निर्देश दिया था. 

किराए में हुई थी दोगुनी वृद्धि

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के लिए हवाई किराए में भारी वृद्धि देखी गई. हालांकि, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किराए में कटौती के कारण एयरलाइनों को नुकसान न हो. इससे पहले विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 23 जनवरी, 2025 को एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद एयरलाइनों से प्रयागराज की उड़ानों के लिए हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने को कहा था. डीजीसीए ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जनवरी में 81 अतिरिक्त उड़ानों को भी मंजूरी दी थी. जिससे उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या 132 हो गई. हालांकि, इससे दिल्ली-प्रयागराज टिकट की कीमतों में 21 गुना वृद्धि भी हुई. 

भारी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं

महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ है जो की 26 फरवरी को समाप्त होगा. अब तक इसके कुल फुटफॉल 199.4 मिलियन को पार कर चुके हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्य स्नान घाटों पर अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी. जिसमें कम से कम 30 लोग मारे गए थे. इसके अलावा नदी के किनारे 4,000 हेक्टेयर (9,990 एकड़ या 7,500 फुटबॉल मैदानों के आकार) में एक अस्थायी शहर बसाया गया है. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 150,000 टेंट हैं. इनमें लगभग बराबर संख्या में शौचालय भी हैं.

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