'कुछ तो गड़बड़ है', SIR प्रक्रिया पर सचिन पायलट का बड़ा हमला, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शनिवार (29 नवंबर) को चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में इस बार असामान्य परिस्थितियाँ देखने को मिल रही हैं.

Date Updated
फॉलो करें:

जयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शनिवार (29 नवंबर) को चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में इस बार असामान्य परिस्थितियाँ देखने को मिल रही हैं. उनके अनुसार, मतदाताओं के मन में पैदा हुई आशंका यह संकेत देती है कि प्रक्रिया को लेकर कोई गंभीर खामी या दबाव मौजूद है.

मीडिया से बातचीत में पायलट ने बताया कि SIR प्रक्रिया देश में कई बार आयोजित की जा चुकी है, लेकिन इस बार जैसी चिंता पहले कभी दिखाई नहीं दी. उन्होंने कहा कि आमतौर पर इस तरह की प्रक्रिया शांतिपूर्वक और पारदर्शी तरीके से संपन्न होती है, लेकिन इस वर्ष लोगों के बीच असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है. पायलट का कहना था, “इस देश में कई बार SIR आयोजित हुई है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि लोग अपने वोट कटने को लेकर इतना भयभीत हों. इस बार जिस तरह की चर्चाएं और संदेह लोगों में हैं, वह स्थिति चिंताजनक है.”

स्टाफ मानसिक दबाव

उन्होंने आरोप लगाया कि फील्ड स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों और स्टाफ पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है. पायलट ने दावा किया कि बिहार सहित कई राज्यों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर स्टाफ मानसिक दबाव के कारण तनाव में है और दुखद रूप से कुछ मामलों में आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं. उनके अनुसार, यह सब संकेत देते हैं कि प्रक्रिया में कोई न कोई गंभीर गड़बड़ी हो रही है.

कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की भूमिका को लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि संस्था को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष रहकर कार्य करना चाहिए. उनका कहना था कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि आयोग का संवैधानिक दायित्व है. पायलट ने कहा, “हम चाहते हैं कि कोई भी कमजोर नागरिक चाहे वह गरीब हो, दलित हो, आदिवासी हो या बुजुर्ग जानकारी के अभाव में या किसी अन्य उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई के चलते अपने मताधिकार से वंचित न हो.”

सरकार या नेता

उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी देशभर में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से न हटे. पायलट ने चेतावनी दी कि राजनीतिक दबाव में की गई किसी भी कार्रवाई को कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा, “अगर चुनाव आयोग किसी विचारधारा, सरकार या नेता के दबाव में काम करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा और इसे जनता भी स्वीकार नहीं करेगी.”

अंत में पायलट ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग को विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि मतदाता सूची की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा मजबूत रहे.

Tags :