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मराठी न बोलने पर दुकानदार पर हमला, पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद तुरंत किया रिहा

मनसे ने माफी नहीं मांगी. मुंबई इकाई प्रमुख संदीप देशपांडे ने कहा कि दुकानदार ने मराठी का अपमान किया. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. मनसे नेता संतोष राणे ने भी हमले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी ही बोली जाएगी.

Calendar Last Updated : 04 July 2025, 02:08 PM IST
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Marathi Language Row: मुंबई के मीरा रोड में मराठी न बोलने पर दुकानदार पर हमला करने वाले मनसे के सात कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया. इस घटना ने भाषा की राजनीति और हिंसा पर सवाल उठाए. वीडियो वायरल होने के बाद लोग आक्रोशित हैं. 

मीरा रोड में रविवार रात जोधपुर स्वीट शॉप के मालिक बाबूलाल चौधरी पर मनसे कार्यकर्ताओं ने हमला किया. 48 वर्षीय बाबूलाल के कर्मचारी बाघराम ने हिंदी में बात की. मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी में बात करने की मांग की. बाबूलाल ने कहा कि यहां सारी भाषाएं बोली जाती हैं. इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने उन्हें थप्पड़ मारे.

वीडियो वायरल होने पर जनता में गुस्सा

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिला. सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि भाषा जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं. बॉलीवुड अभिनेता रणवीर शौरी ने इसे घृणित बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. पुलिस ने दो दिन बाद सात मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की. गुरुवार को उन्हें हिरासत में लिया गया. लेकिन कुछ घंटों बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया. पुलिस ने कहा कि आरोपों में सात साल से कम सजा है. गंभीर धाराएं जोड़ने पर ही गिरफ्तारी हो सकती है.

हंगामें के बाद दुकानें बंद 

मनसे ने माफी नहीं मांगी. मुंबई इकाई प्रमुख संदीप देशपांडे ने कहा कि दुकानदार ने मराठी का अपमान किया. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. मनसे नेता संतोष राणे ने भी इस मामले में बीच-बचाव किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी ही बोली जाएगी. घटना के बाद मीरा रोड के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध किया. व्यापारी संगठन ने कहा कि भाषा के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी. पुलिस ने दो दिन में चार्जशीट दाखिल करने का वादा किया. यह घटना हिंदी थोपने के विवाद से जुड़ी है. मनसे और शिवसेना (UBT) ने तीन भाषा नीति का विरोध किया था. मुख्यमंत्री फडणवीस ने नीति वापस ली. लेकिन मनसे की हिंसा ने सवाल खड़े किए. शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे ने कहा कि मराठी का सम्मान जरूरी है, लेकिन कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए.

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