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ऑपरेशन सिंदूर के पीछे क्या है भारत का संदेश? भारतीय सेना ने क्यों चुना ये नाम?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के कुछ दिनों बाद तक चुप्पी साधी रखी. जिसके बाद उन्होंने बिहार की जनता के बीच जाकर देश के लोगों से वादा किया कि इस अपमान का बदला लिया जाएगा. उन्होंने आतंकवादियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.

Calendar Last Updated : 07 May 2025, 09:52 AM IST
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Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जब 22 अप्रैल को आतंकियों ने मासूम नागरिकों पर हमला किया, तब उनसे उनके धर्म पूछे गए. जिन्होंने कलमा पढ़कर सुनाया, उन्हें छोड़ दिया गया, वहीं जिन्होंने नहीं पढ़ा, उन्हें उनकी पत्नी और परिवार के सामने मौत के घाट उतार दिया गया. भारत की धरती पर हुए इस घिनौने कृत्य की निंदा पूरे विश्व में की गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के कुछ दिनों बाद तक चुप्पी साधी रखी. जिसके बाद उन्होंने बिहार की जनता के बीच जाकर देश के लोगों से वादा किया कि इस अपमान का बदला लिया जाएगा. उन्होंने आतंकवादियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. जिसके बाद भारतीय सेना ने एक्शन लेते हुए बुधवार के तड़के पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर हमला बोल दिया. सेना द्वारा इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर दिया गया.

महिलाओं और पुरुषों का अभिमान सिंदूर 

भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर नाम क्यों दिया गया? हालांकि इस सवाल के पीछे कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है, लेकिन इसे लेकर कई तर्क दिए जा रहे हैं. हिंदू धर्म में सिंदूर विवाहित महिलाओं का प्रतीक होता है. इसके अलावा योद्धाओं द्वारा भी गर्व के साथ सिंदूर का तिलक लगाया जाता है. जब आतंकियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया, तो उन्होंने केवल पुरुषों को अपना निशाना बनाया. वह भी केवल उन पुरुषों को जो किसी विशेष धर्म से थे. इसी के साथ उन महिलाओं के सिर से सिंदूर हमेशा के लिए छीन गया, जिनके पति इस हमले में शहीद हो गए. साथ ही इस हमले ने उन पुरुषों का भी अपमान किया जो सिर पर सिंदूर का तिलक लगाते हैं. माना जा रहा है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए और देश की जनता की भावनाओं को समझते हुए सेना द्वारा इस ऑपरेशन का यह नाम सिंदूर दिया गया.

रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी

भारत ने इस हमले को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक सुनियोजित, गैर-उत्तेजक जवाबी हमला था जिसमें लक्ष्यों को सावधानीपूर्वक चुना गया था. रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया, जो भारत के सुनियोजित और गैर-उग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है. इसमें कहा गया कि हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि इस [पहलगाम आतंकी] हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. मिल रही जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले में कई आतंकियों के ठिकाने ढेर हो गए हैं.

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