नई दिल्ली: इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड की नीलामी के बाद एक फैसला लगातार चर्चा में बना हुआ है. पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को भारतीय स्वामित्व वाली टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा खरीदे जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसका काफी विरोध देखने को मिल रहा है. भारत में इसे लेकर काफी आलोचना हो रही है.
लंदन में हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1,90,000 पाउंड यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा था. यह फ्रेंचाइजी आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद के नाम से जानी जाती है तो वहीं दक्षिण अफ्रीका की लीग में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की भी मालिक है. हालांकि, अबरार के इस टूर्नामेंट में खेलने को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. लेकिन इसी कुछ गुप्त सूत्रों का कहना है कि अबरार इस लीग में शायद ही खेले, क्योंकि उम्मीदतन पीसीबी ही उन्हें इस लीग में खेलने की अनुमति न दे.
इन विवादों के बीच अब कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि स्पिनर अबरार अहमद का द हंड्रेड लीग में खेलना मुश्किल दिखाई दे रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ही अबरार को इस लीग में खेलने की अनुमति न दे.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अबरार अहमद को टूर्नामेंट में खेलने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की जरूरत होगी. लेकिन उसी समय पाक टीम का वेस्ट इंडीज दौरा निर्धारित है.
पाकिस्तान 15 जुलाई से 7 अगस्त तक दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने वाला है, जबकि द हंड्रेड 21 जुलाई से 16 अगस्त तक आयोजित होगा. ऐसे में उनका इस लीग में उपलब्ध होना अनिश्चित माना जा रहा है. कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि इस सीरीज में अबरार का सेलेक्ट हो सकते हैं.
सनराइजर्स लीड्स के मुख्य कोच डैनियल विटोरी ने बताया कि टीम को एक दमदार स्पिनर की जरूरत थी. इंग्लैंड के अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद को साइन करने में असफल रहने के बाद टीम ने विदेशी विकल्पों की तलाश शुरू की. वेटोरी के अनुसार, बांग्लादेश के रिशाद हुसैन, पाकिस्तान के उसमान तारीक और अबरार अहमद उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन पर फ्रेंचाइजी की नजर थी.