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'मेरी नजर ट्रॉफी पर है...' चोट के कारण PBKS के कप्तान का घटा था सात किलो वजन, अब IPL 2026 में करेंगे धमाकेदार कमबैक

पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान श्रेयस अय्यर चोटिल हो गए थे. जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक खेल के मैदान से दूर रहना पड़ा था. अब अय्यर ने इंजरी के दौरान अपने 7 किलो वजन घटने का खुलासा किया है.

Calendar Last Updated : 21 March 2026, 12:26 PM IST
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नई दिल्ली: IPL 2026 शुरु होने में अब दिन का समय भी शेष नहीं रह गया है. लीग की शुरु होने से पहले सभी फ्रेंचाइजी अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं. लेकिन पिछले साल जीत से महज एक कदम दूर रहने वाली श्रेयस अय्यर की पंजाब किंग्स इस बार किसी भी कीमत पर ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरेगी.  

पिछला साल अय्यर के लिए व्यक्तिगत रूप से चुनौतीपूर्ण रहा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक वनडे मैच के दौरान लगी स्प्लीन की चोट ने उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रखा था.  इस दौरान उनका करीब 7 किलो वजन भी कम हो गया, जिससे फिटनेस हासिल करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था. 

चोट से वापसी की चुनौती

पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ऑस्ट्रेलिया सीरीज में चोटिल होने के बाद वह लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से दूर थे. अय्यर ने बताया कि गंभीर चोट के बाद वापसी करना उनके लिए आसान नहीं था.

दो महीने में वे फिट तो हो गए, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपना सात किलो वजन खो दिया था. जिसे वापस पाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी. लेकिन अय्यर ने कहा कि उन्हें चुनौती लेना काफी पसंद है. उन्होंने इस दौर को एक चुनौती के रूप में लिया और सफलतापूर्वक खुद को फिर से तैयार किया. 

टीम और देश के लिए वापसी

चोट से उबरने के बाद अय्यर ने न केवल अपनी फ्रेंचाइजी के लिए बल्कि भारतीय टीम के लिए भी वापसी की. उन्होंने हालिया इंडिया ए में नामीबिया के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जिससे इंडिया ए को जीत हासिल हुई थी. 

मेरी नजर ट्रॉफी पर है....

आईपीएल से ठीक पहले मीडिया से बात करते हुए अय्यर ने बताया उनकी नजर अब केवल और केवल आईपीएल की ट्रॉफी पर है. उन्होंने कहा कि, 'मुझे उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, मुझे चुनौती पसंद है. लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है कि जब भी हम मैदान में उतरें, हमें जीतना होगा. मेरी नजर ट्रॉफी पर है.'

टीम बॉन्डिंग पर जोर

अय्यर के अनुसार, आईपीएल के दौरान टीम के साथ बिताया गया समय बेहद अहम होता है. दो महीनों तक खिलाड़ी एक परिवार की तरह रहते हैं, जिससे आपसी समझ और तालमेल बेहतर होती है. उन्होंने बताया कि खिलाड़ी होटल में एक साथ समय बिताते हैं, गेम खेलते हैं और एक-दूसरे को समझते हैं.

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