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नई दिल्ली : भारत और इंग्लैंड के बीच कटक में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच के दौरान भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठे. इस मुकाबले के अंत में प्रसारणकर्ता के कैमरे ने कुछ समय के लिए ऋषभ पंत को डगआउट में बैठे हुए दिखाया, जबकि मैदान पर लोकेश राहुल छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. राहुल को इस मैच में पंत पर प्राथमिकता मिली थी, लेकिन फिर भी उनका छठे नंबर पर बल्लेबाजी करना कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था.
इस बदलाव पर टिप्पणी करते हुए, पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने राहुल को छठे नंबर पर भेजने को लेकर अपनी असहमति जाहिर की. शास्त्री ने कहा, "राहुल जैसे शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाज को छठे नंबर पर भेजना समझ से बाहर है." उन्होंने इसके साथ ही यह भी सवाल उठाया कि अगर इस तरह के संयोजन को ही अपनाया जाए तो फिर पंत जैसे विस्फोटक खिलाड़ी का क्या होगा. शास्त्री ने कहा, "भारत अगले मैच और चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के संयोजन पर विचार कर रहा होगा, लेकिन कुछ सवालों के जवाब तो मिलने चाहिए."
राहुल ने अब तक नंबर छह पर कुल चार पारियां खेली हैं, जिनमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 31 रन है. जबकि पंत ने दो मैचों में 45 रन बनाए हैं, उनका उच्चतम स्कोर 28 रन रहा. इस पर गौर करने वाली बात यह है कि क्या राहुल की बल्लेबाजी क्षमताओं का सही उपयोग किया जा रहा है. यदि राहुल को ऐसे स्थान पर भेजा जा रहा है जहां उनका खेल शैली सही नहीं बैठता, तो क्या यह उनका सही उपयोग है?
भारतीय कोच गौतम गंभीर ने राहुल को छठे नंबर पर भेजने का फैसला लिया, क्योंकि इससे बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजी संयोजन को बनाए रखा जा सकता था. इस स्थिति में अक्षर पटेल ने पांचवें नंबर पर प्रभावी प्रदर्शन किया और 52 और 41 रन बनाए. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या अक्षर को ऊपर भेजने से राहुल की बल्लेबाजी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल हो रहा है.
पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, "राहुल ने भारत के लिए पांचवें नंबर पर शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने लगभग 1300 रन बनाए हैं और 60 के करीब औसत के साथ 100 के करीब स्ट्राइक-रेट से. ये असाधारण संख्याएं हैं."
कई विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल को केवल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ही बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा जाए, जबकि उन्हें आसान रन बनाने का मौका भी मिलना चाहिए. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राहुल का छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने का फैसला भविष्य में टीम के लिए लाभकारी साबित होता है या नहीं.