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नई दिल्ली: भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम से बाहर किए जाने को लेकर पहली बार खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन करके फैसले की जानकारी दी थी. सूर्या के मुताबिक, उन्होंने इस फैसले पर कोई बहस या अनुरोध नहीं किया और चयन समिति के निर्णय का सम्मान किया.
सूर्यकुमार ने पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में बताया कि जब उन्हें पता चला कि टीम में उनका नाम नहीं है, तो उनकी पहली प्रतिक्रिया मुस्कुराने की थी. वह दबाव वाली परिस्थितियों में खुद को शांत रखने की कोशिश करते हैं.
हालांकि, बाद में यह फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल हो गया. सूर्या ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि 2026 के बाद वह आने वाले वर्षों में टीम को आगे ले जाएंगे, लेकिन चयनकर्ताओं की सोच अलग थी और उन्हें उस फैसले को स्वीकार करना पड़ा.
सूर्यकुमार ने बताया कि टीम घोषित होने से 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें कॉल किया था. फोन पर उन्हें बताया गया कि अब आगे बढ़ने का समय है और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उनका चयन नहीं किया गया है.
सूर्या ने कहा कि उन्होंने इस बातचीत के दौरान कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उनके मुताबिक, चयनकर्ताओं ने जो फैसला लिया, उन्हें लगा होगा कि वह टीम के हित में बेहतर है. इसलिए उन्होंने इस निर्णय का सम्मान किया.
सूर्यकुमार ने यह भी माना कि उन्हें फैसले से निराशा हुई. उनका कहना था कि उनकी कप्तानी में टीम ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया था और बड़े टूर्नामेंट भी जीते थे. ऐसे में अचानक बदलाव को समझना उनके लिए आसान नहीं था.
उन्होंने नई टीम और कप्तान के चयन पर भी सकारात्मक बात कही. सूर्या ने श्रेयस अय्यर के साथ खेलने का अनुभव साझा करते हुए उन्हें अच्छा खिलाड़ी और कप्तान बताया.
टीम से बाहर होने के बावजूद सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि जब भी टीम को उनकी जरूरत महसूस होगी और परिस्थितियां सही होंगी, वह वापसी के लिए तैयार रहेंगे. उनके इस बयान से साफ है कि उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार करते हुए मैदान पर अपना प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है.