नई दिल्लीः दिल्ली की राजनीति में इन दिनों शब्दों की जंग तेज हो गई है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर 'AQI' को गलती से 'AIQ' लिखने पर हुई भारी ट्रोलिंग पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए इसे महिला विरोधी मानसिकता का हिस्सा बताया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में स्पष्ट रूप से कहा कि एक शब्द को गलत बोल देना और उसको मुद्दा बनाना केवल उनके काम से ध्यान भटकाने की साजिश है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "वे कहते हैं कि उसने AQI को AIQ क्यों लिखा असल में उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि एक महिला मुख्यमंत्री दिल्ली के लिए 24/7 काम कर रही है. यह लोग कभी वे मेरा अपमान करते हैं, तो कभी घटिया टिप्पणियां करते हैं." उन्होंने आगे तर्क दिया कि बोलते समय किसी से भी भूल हो सकती है, लेकिन विरोधियों ने इसे जानबूझकर उनके चरित्र और क्षमता पर हमले का जरिया बनाया है.
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के 11 महीनों के कार्यकाल की तुलना आम आदमी पार्टी (AAP) के 11 साल के शासन से की. उन्होंने पिछली सरकार पर कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली की बुनियादी सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं.
आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन और अस्पतालों का डिजिटलीकरण. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस और प्रथाओं पर लगाम. कामकाजी महिलाओं के लिए पालना केंद्र और वंदना योजना की शुरुआत. पानी के बिलों के बकाया के लिए माफी योजना और व्यापारियों को समय पर GST रिफंड.
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समय में अस्पताल परियोजनाओं की लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी और बिजली-पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पारदर्शी मीटरिंग और कानूनी प्रक्रिया के जरिए दिल्ली की जनता को राहत पहुंचाई है.
सोशल मीडिया पर अपने भाषण का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि वह दिन-रात दिल्ली की भलाई के लिए काम कर रही हैं और यही बात उनके विरोधियों को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है.