menu-icon
The Bharatvarsh News

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, गुरुग्राम में रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान 0.6°C

उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीत लहर की चपेट में है. भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय के अनुसार, गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर माना जा रहा है.

Calendar Last Updated : 12 January 2026, 04:26 PM IST
Share:

गुरुग्राम: उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीत लहर की चपेट में है. हरियाणा के गुरुग्राम में ठंड का असर सबसे ज़्यादा देखने को मिल रहा है, जहाँ तापमान में अचानक और तेज़ गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय के अनुसार, गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर माना जा रहा है.

मौसम विभाग के मुताबिक, हरियाणा में सबसे कम तापमान गुरुग्राम के एयर वेदर स्टेशन पर दर्ज किया गया. इसके बाद नारनौल का स्थान रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हाल के दिनों में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है. शनिवार को गुरुग्राम का तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस था, जबकि रविवार को यह बढ़कर 4.1 डिग्री सेल्सियस हो गया था. इसके बाद फिर से तेज़ गिरावट दर्ज की गई. 

शीत लहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

गुरुग्राम में लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. IMD अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शीत लहर के साथ-साथ घना कोहरा भी बना रह सकता है. अधिकारियों के अनुसार, 3 जनवरी को जहाँ न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं अब इसमें लगभग 3.5 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. संभावना जताई जा रही है कि ऐसे हालात मंगलवार तक बने रह सकते हैं.

इसका असर दिल्ली में भी साफ़ नजर आ रहा है. सोमवार को राजधानी के लोधी रोड इलाके में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले आयानगर में यह 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था.

फसलों पर पड़ेगा पाले का असर!

गुरुग्राम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोमवार सुबह खेतों और पौधों पर पाला जमी दिखाई दी. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पाला जमना इस बात का संकेत है कि तापमान शून्य के करीब या उससे नीचे चला गया है, भले ही शहरों में दर्ज तापमान थोड़ा अधिक हो. पाला पड़ना केवल मौसम पर ही असर नहीं करता बल्कि इसका असर खेतों और फसलों पर भी पड़ता है. पाला आलू, मटर, चना, सरसों, और कई सब्जियों जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है.

लोग सोशल मीडिया पर साझा कर रहे तस्वीर

कई स्थानीय निवासियों ने कारों, खेतों और पौधों पर जमी बर्फ की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया पर साझा कीं. कुछ लोग खुद तापमान मापने के लिए थर्मामीटर लेकर बाहर निकले और ठंड का अनुभव साझा किया.

सम्बंधित खबर

Recent News