प्रयागराज की धरती पर आस्था का सैलाब, हड्डी कंपाने वाली ठंड में मोक्ष की डुबकी, जानें माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

तीर्थराज प्रयागराज में माघ मेला 2026 भव्य रूप में चल रहा है. संगम की पावन रेती पर आस्था, विश्वास और अध्यात्म का यह विशाल उत्सव 44 दिनों तक चलेगा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा.

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Courtesy: Piterest

प्रयागराज: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच तीर्थराज प्रयागराज में माघ मेला 2026 पूरे भव्य रूप में चल रहा है. संगम की पावन रेती पर आस्था, विश्वास और अध्यात्म का यह विशाल उत्सव 44 दिनों तक चलेगा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा. आखिरी नहान के बाद प्रयागराज की धरती एक बार फिर से सूनी हो जाएगी. 44 दिनों तक चलने वाले इस माघ मेला में न केवल संगम बल्कि पूरा प्रयागराज प्रफुल्लित हो उठता है. 

अब संगम तट पर ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष और शंखनाद के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर कल्पवास का संकल्प लिया. ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है.

पहली बार हाईटेक सुविधाओं की शुरुआत

इस साल माघ मेले में कई नई और आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहली बार हेलीकॉप्टर सेवा और पैराग्लाइडिंग की शुरुआत की गई है. महिलाओं की सुविधा के लिए घाटों पर रंगों के आधार पर बने चेंजिंग रूम तैयार किए गए हैं.

इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है. मेला क्षेत्र में गंगा और त्रिवेणी नाम से दो बड़े अस्पताल बनाए गए हैं, जिनमें 20-20 बेड की व्यवस्था है. खास बात यह है कि इन अस्पतालों में लेबर रूम की सुविधा भी पहली बार उपलब्ध कराई गई है.

‘मेला रेल सेवा’ ऐप बना श्रद्धालुओं का सहारा

श्रद्धालुओं की यात्रा को और आसान बनाने के लिए रेलवे ने ‘मेला रेल सेवा’ नाम का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, इस ऐप के जरिए अब श्रद्धालुओं को टिकट बुकिंग के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं है.

इसके अलावा, ऐप पर ट्रेन की लाइव स्थिति, प्लेटफॉर्म नंबर और खोया-पाया की जानकारी भी मिल रही है. किसी भी आपात स्थिति के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-4199-139 जारी किया गया है.

कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित माघ मेला

माघ मेले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं. मेला क्षेत्र को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है. 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, ATS की टीमें और स्नाइपर्स तैनात हैं.

ड्रोन, CCTV कैमरों और ऊंचे वॉच टावरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जल सुरक्षा के लिए NDRF, SDRF, जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें घाटों पर मौजूद हैं। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड लगातार जांच कर रहे हैं.

कल्पवासियों की साधना और संतों की मौजूदगी

संगम तट पर करीब 20 लाख कल्पवासी एक महीने तक कठिन व्रत और साधना करेंगे. वे संगम की रेती पर तंबुओं में रहकर जप-तप में लीन हैं. देश-विदेश से आए साधु-संतों की कुटियाओं से मेला क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।

पौष पूर्णिमा के दिन ही 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जो इस मेले की विशालता को दर्शाता है.

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

3 जनवरी: पौष पूर्णिमा

14 जनवरी: मकर संक्रांति

18 जनवरी: मौनी अमावस्या

23 जनवरी: बसंत पंचमी

1 फरवरी: माघी पूर्णिमा

15 फरवरी: महाशिवरात्रि

दिव्य और भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इस बार माघ मेले को महाकुंभ की तर्ज पर दिव्य और भव्य रूप दिया गया है. करीब 800 हेक्टेयर में फैला मेला क्षेत्र सात सेक्टरों में विभाजित है.

रात के समय संगम का दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है. नावों पर लगी एलईडी लाइटें और पानी में रंग-बिरंगे फव्वारे श्रद्धालुओं को एक अलग ही अनुभूति देते हैं.

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