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डेंटल हेल्थ के लिए अपनाएं ये 5 तरीका, खिलखिलाते रहेंगे दांत और मसूड़े

भारत में ओरल हेल्थ को लेकर कुछ सामान्य समस्याएं हैं. जैसे की कैविटी, मसूड़ों की बीमारियां और ओरल इंफेक्शन. हालांकि ये समस्याएं दंत चिकित्सकों तक सीमित तौर पर पहुंच पाती है. भारत में लोगों को ये समस्याएं निवारक देखभाल की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण होती है.

Calendar Last Updated : 09 January 2025, 08:55 AM IST
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Dental Health: पिछले कुछ दशकों में भारत ने ओरल हाइजीन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है. हालांकि, ग्रामीण इलाकों और जागरूकता की कमी के कारण अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं. आंकड़े बताते हैं कि लगभग 90% भारतीय किसी न किसी तरह की दंत समस्या का सामना करते हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए निवारक देखभाल, शिक्षा और ओरल हाइजीन की नियमित आदतों को अपनाने की आवश्यकता है.  

भारत में ओरल हेल्थ को लेकर कुछ सामान्य समस्याएं हैं. जैसे की कैविटी, मसूड़ों की बीमारियां और ओरल इंफेक्शन. हालांकि ये समस्याएं दंत चिकित्सकों तक सीमित तौर पर पहुंच पाती है. भारत में लोगों को ये समस्याएं निवारक देखभाल की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण होती है. यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में दंत चिकित्सा सुविधाओं की कमी भी है. साथ ही यहां लोग केवल दर्द या गंभीर समस्या होने पर दंत चिकित्सक के पास जाना चाहते हैं. साथ ही लोगों में सही ब्रशिंग, फ्लॉसिंग और आहार से संबंधित जानकारी की कमी है.  

ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने के 5 कदम

नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाएं

  • हर छह महीने में जाँच कराएं.  
  • समस्याओं का शुरुआती चरण में पता लगाने से उपचार आसान हो सकता है.  
  • निवारक देखभाल न केवल समय बचाती है, बल्कि अधिक जटिल समस्याओं से भी बचाती है.  

संतुलित आहार अपनाएं और मीठे खाद्य पदार्थों को सीमित करें 

  • चीनी और अम्लीय खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें, जो इनेमल को नुकसान पहुंचाते हैं.  
  • भोजन के बाद पानी से कुल्ला करें.  
  • आहार में कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दूध और पत्तेदार साग शामिल करें.  

 दिन में दो बार ब्रश करें 

  • फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट और मुलायम ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें.  
  • ब्रश करते समय गोलाकार गति में कम से कम 2 मिनट दें.  
  • सही तकनीक और समय देने से प्लाक हटाने में मदद मिलती है.  

दांतों के बीच सफाई के लिए फ्लॉस करें

  • फ्लॉसिंग को नियमित आदत बनाएं.  
  • प्लाक बिल्डअप और मसूड़ों की बीमारियों को रोकने के लिए वॉटर फ्लॉसर का उपयोग करें.  
  • मसूड़ों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सौम्य तरीके से फ्लॉस करें.  

माउथवॉश को अपनी दिनचर्या में शामिल करें

  • फ्लोराइड युक्त या अल्कोहल-मुक्त माउथवॉश का उपयोग करें.  
  • माउथवॉश न केवल खराब सांस को दूर करता है, बल्कि प्लाक और बैक्टीरिया को भी खत्म करता है.

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