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कनाडा: अंतरराष्ट्रीय छात्रों के आवास संकट पर नीतिगत समाधान की आवश्यकता

कमलूप्स (कनाडा):  कनाडा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक शीर्ष गंतव्य है, जहां 2023 में 10 लाख से अधिक छात्र विभिन्न स्तरों पर अध्ययन कर रहे थे. कनाडाई अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय छात्र अरबों डॉलर का योगदान करते हैं और हमारे सामाजिक ताने-बाने में इससे भी अधिक योगदान करते हैं.

Calendar Last Updated : 03 February 2025, 05:03 PM IST
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कमलूप्स (कनाडा):  कनाडा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक शीर्ष गंतव्य है, जहां 2023 में 10 लाख से अधिक छात्र विभिन्न स्तरों पर अध्ययन कर रहे थे. कनाडाई अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय छात्र अरबों डॉलर का योगदान करते हैं और हमारे सामाजिक ताने-बाने में इससे भी अधिक योगदान करते हैं.

एक दशक के तीव्र विकास के बाद, कनाडाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्र परमिट पर दो वर्ष की सीमा लागू कर दी है. इसका असर 2024 में स्नातक स्तर पर 35 प्रतिशत तक कमी और 2025 में 10 प्रतिशत कमी के रूप में दिखाई देगा. इस विवादास्पद निर्णय का उद्देश्य कनाडा की अर्थव्यवस्था, आवास और सार्वजनिक सेवाओं पर बढ़ते दबाव को कम करना है.

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अनुभव पर शोध

थॉम्प्सन रिवर्स यूनिवर्सिटी (टीआरयू) में किए गए एक अनुदैर्ध्य शोध में, हमनें 2016 से 2024 तक के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अनुभवों पर आधारित आंकड़े और साक्षात्कार एकत्रित किए. हमारे अध्ययन में 215 अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें भारत और चीन सहित विभिन्न देशों के छात्र शामिल थे.

इस शोध में प्रमुख चुनौतियों का खुलासा हुआ, जिसमें आवास और वित्तीय संघर्ष प्रमुख थे. 55 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने उपयुक्त आवास खोजने में कठिनाइयों की बात की, और उनमें से कई ने किराए के बाजार में नस्ली भेदभाव का सामना किया. वहीं, लगभग एक-तिहाई छात्रों ने अपर्याप्त वित्तीय सहायता या अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में अनिश्चितता व्यक्त की.

नस्लवाद और स्नातकोत्तर कार्य की चिंता

सकारात्मक पक्ष यह है कि 2016 के मुकाबले 2024 में कम छात्रों ने कैंपस में नस्लवाद का सामना किया। 2016 में 14 प्रतिशत छात्रों ने यह स्वीकार किया था कि उन्होंने नस्लवाद का अनुभव किया, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 13.5 प्रतिशत हो गई. हालांकि, कई छात्रों ने नौकरी या आवास के दौरान नस्लवाद और शोषण का सामना करने की शिकायत की. एक छात्र ने उदाहरण देते हुए कहा, "जब रूममेट के साथ समस्याओं के कारण लीज़ को नवीनीकरण करना पड़ा, तो मकान मालिक ने मुझे वीजा रद्द करने की धमकी दी."

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अनुभव पर शोध

थॉम्प्सन रिवर्स यूनिवर्सिटी (टीआरयू) में किए गए एक अनुदैर्ध्य शोध में, हमनें 2016 से 2024 तक के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अनुभवों पर आधारित आंकड़े और साक्षात्कार एकत्रित किए. हमारे अध्ययन में 215 अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें भारत और चीन सहित विभिन्न देशों के छात्र शामिल थे.

इस शोध में प्रमुख चुनौतियों का खुलासा हुआ, जिसमें आवास और वित्तीय संघर्ष प्रमुख थे। 55 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने उपयुक्त आवास खोजने में कठिनाइयों की बात की, और उनमें से कई ने किराए के बाजार में नस्ली भेदभाव का सामना किया. वहीं, लगभग एक-तिहाई छात्रों ने अपर्याप्त वित्तीय सहायता या अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में अनिश्चितता व्यक्त की.

नस्लवाद और स्नातकोत्तर कार्य की चिंता

सकारात्मक पक्ष यह है कि 2016 के मुकाबले 2024 में कम छात्रों ने कैंपस में नस्लवाद का सामना किया. 2016 में 14 प्रतिशत छात्रों ने यह स्वीकार किया था कि उन्होंने नस्लवाद का अनुभव किया, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 13.5 प्रतिशत हो गई. हालांकि, कई छात्रों ने नौकरी या आवास के दौरान नस्लवाद और शोषण का सामना करने की शिकायत की. एक छात्र ने उदाहरण देते हुए कहा, "जब रूममेट के साथ समस्याओं के कारण लीज़ को नवीनीकरण करना पड़ा, तो मकान मालिक ने मुझे वीजा रद्द करने की धमकी दी."

अंतरराष्ट्रीयकरण पर छात्रों के विचार

हमारे शोध में छात्रों से "अंतरराष्ट्रीयकरण" पर उनके विचार भी पूछे गए, क्योंकि विश्वविद्यालयों और सरकारी नीतियों ने कनाडा को एक वैश्विक और बहुसांस्कृतिक समाज के रूप में प्रस्तुत किया है. छात्रों के उत्तर तीन मुख्य विषयों में विभाजित थे: अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी शिक्षा और समुदाय निर्माण, और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के माध्यम से व्यक्तिगत विका. यह शोध दिखाता है कि विभिन्न राष्ट्रीयताओं के बीच साझा समझ और अनुभव है.

सुझाव और नीतिगत दिशा

इन चुनौतियों का समाधान करने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों का समर्थन करने के लिए, हमारा शोध यह सलाह देता है कि विश्वविद्यालय हाशिए के क्षेत्रों के छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां बढ़ाकर अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के समूह में विविधता लाएं.

यह नीतिगत बदलाव कनाडा के 2024-2027 आव्रजन लक्ष्यों को घटाने के निर्णय के मद्देनजर और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. ऐसे में, बहुत से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कनाडा में भविष्य की अनिश्चितता बढ़ती जा रही है.

(इस खबर को भारतवर्ष न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)
 

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