menu-icon
The Bharatvarsh News

इजरायल युद्ध विराम के लिए तैयार! ईरान के खिलाफ लक्ष्य पूरा करने का दावा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनका देश ईरान के साथ युद्धविराम के लिए तैयार है. यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव के बाद लिया गया. नेतन्याहू ने इसके लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया.

Calendar Last Updated : 24 June 2025, 12:42 PM IST
Share:

Iran Israel Conflict: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनका देश ईरान के साथ युद्धविराम के लिए तैयार है. यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव के बाद लिया गया. नेतन्याहू ने इसके लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि इजरायल ने ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लक्ष्य हासिल कर लिए. ट्रंप की मध्यस्थता से यह समझौता संभव हुआ.

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने सोमवार को नेतन्याहू से बात की. उनकी टीम ने ईरान के साथ भी संवाद किया. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने तेहरान के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बातचीत की. ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम जल्द लागू होगा. लेकिन दोनों पक्षों ने नए हमलों की चेतावनी भी दी.

मध्य पूर्व में तनाव से बढ़ी चिंता

ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर मिसाइलें दागीं. यह हमला इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु सुविधाओं पर बमबारी के जवाब में था. इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. ट्रंप ने तुरंत दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की. उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दिए कि शांति के लिए काम करें. उन्होंने नेतन्याहू को फोन कर कहा कि हम शांति बनाएंगे. रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप की टीम ने युद्ध से पहले ईरान के साथ पांच बार बातचीत की. लेकिन ईरान अपनी मांगों पर अड़ा रहा. वह यूरेनियम संवर्धन जारी रखना चाहता था, इससे वार्ता टूट गई. 19 जून को ट्रंप ने कहा कि वह दो सप्ताह में सैन्य कार्रवाई का फैसला लेंगे. लेकिन 21 जून को उन्होंने ईरानी सुविधाओं पर बमबारी का आदेश दे दिया.

अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप

ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले अभूतपूर्व थे. ट्रंप ने हमेशा विदेशी युद्धों से बचने की बात कही थी. लेकिन इजरायल के साथ मिलकर हमले करने का फैसला उनके लिए नया था. इससे उनके समर्थकों में चिंता बढ़ी. उनके “अमेरिका को फिर से महान बनाओ” अभियान ने विदेशी उलझनों से दूरी का वादा किया था. फिर भी, ट्रंप ने संयम दिखाया. उन्होंने अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दी. युद्धविराम की घोषणा ट्रंप की ओवल ऑफिस में हुई बातचीत से उभरी. उन्होंने नेतन्याहू से सीधे संवाद किया. नेतन्याहू पूरे संघर्ष में अमेरिकी सैन्य सहयोग के पक्षधर रहे. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह शांति चाहते हैं. यह युद्धविराम मध्य पूर्व में स्थिरता की ओर कदम है. लेकिन दोनों पक्षों को इसे निभाना होगा.

सम्बंधित खबर

Recent News