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नई दिल्ली: वैश्विक कूटनीति के केंद्र फ्रांस में अगले सप्ताह होने जा रहे जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. व्हाइट हाउस और समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दोनों नेताओं की यह मुलाकात बुधवार को होने की संभावना है. इस बैठक में भारत और अमेरिका के संबंधों के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और वैश्विक व्यापारिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने पर होगी बात
इस शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वैश्विक तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने की योजना पर ब्रिटेन और फ्रांस जैसे जी7 सहयोगियों के साथ चर्चा करेंगे. हाल ही में ईरान के साथ संघर्ष के कारण यह समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है.
तेल व्यापार प्रभावित
दुनिया का लगभग एक-पांचवां तेल व्यापार प्रभावित हुआ है. ट्रम्प ने हाल ही में ईरान के साथ एक बड़े समझौते का संकेत दिया है, जिस पर हस्ताक्षर होने के बाद इस जलडमरूमध्य को आधिकारिक रूप से खोल दिया जाएगा. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समझौता अंतिम रूप नहीं ले लेता.
भारत ने ईंधन की कीमतें संभाली
होर्मुज संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिसका प्रभाव दुनिया भर के उपभोक्ताओं पर पड़ा है. इस वैश्विक संकट के बीच, भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है जिसने अपने घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस व्यवधान के शुरुआती 76 दिनों तक ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होने दिया, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली.
फ्रांस और स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के एक सप्ताह के दौरे पर रवाना हो चुके हैं. पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की हालिया भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंध विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं. भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से राफेल लड़ाकू विमानों का एक बड़ा खरीदार भी है.
पीएम मोदी स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा
फ्रांस के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा करेंगे. साल 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है. स्लोवाकिया में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव के अनुसार, पीएम मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच यह पहली मुलाकात होगी. इस यात्रा के दौरान पारंपरिक रक्षा और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लीन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और शिक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर गंभीर चर्चा होगी.