menu-icon
The Bharatvarsh News

पीएम मोदी से मिलने के लिए पुतिन ने 10 मिनट तक किया इंतजार! ऑरस लिमोज़ीन कार में बैठ क्या हुई बात?

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने बताया कि उन्होंने अपनी रूसी निर्मित ऑरस लिमोज़ीन में सवार होकर मोदी को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बातचीत की जानकारी दी.

Calendar Last Updated : 04 September 2025, 12:53 PM IST
Share:

Putin-Modi SCO Summit: चीन के तियानजिन में 31 अगस्त और 1 सितंबर 2025 को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक खास मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा. इस सम्मेलन में 20 से अधिक नेताओं और दस अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया. लेकिन पुतिन और मोदी की एक निजी बातचीत चर्चा का केंद्र बन गई.

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने बताया कि उन्होंने अपनी रूसी निर्मित ऑरस लिमोज़ीन में सवार होकर मोदी को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बातचीत की जानकारी दी. पुतिन ने मोदी के आने का 10 मिनट इंतज़ार किया और फिर दोनों नेताओं ने 15 मिनट की यात्रा के बाद भी कार में 45 मिनट तक बातचीत की. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों नेताओं ने लगभग एक घंटे तक एकांत में गंभीर मुद्दों पर चर्चा की. 

द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा

मॉस्को के विशेषज्ञों का कहना है कि पुतिन की लिमोज़ीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसे बातचीत को गोपनीय रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसीलिए दोनों नेताओं ने संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए इसे चुना. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण थी, जिसमें ऐसे मुद्दों पर बात हुई जो दूसरों के कानों के लिए नहीं थे. पेसकोव ने कहा कि कार की दीवारें घर जैसी थीं. पीएम मोदी ने इस मुलाकात की फोटो भी शेयर की थी. फोटो के साथ उन्होंने यह भी लिखा था कि पुतिन के साथ बातचीत करना हमेशा ज्ञानवर्धक होती है. 

वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और रूस के संबंध वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम हैं. उन्होंने पुतिन के भारत दौरे का स्वागत करने की बात भी कही. मोदी ने कहा कि भारत और रूस मुश्किल समय में भी एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं. दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पुतिन इसी साल के अंत तक भारत शिखर वार्ता में शामिल होने के लिए आ सकते हैं. उनकी यह मुलाकात दोनों देसों के रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूती देगी.

 

सम्बंधित खबर

Recent News