नई दिल्ली: आज के समय में वजन घटाना बहुत मुश्किल है. अगर किसी को अपने वजन को कम करना है तो उसके लिए व्यक्ति को सख्त नियम का पालन करना होता है. अगर आपने उन सख्त नियमों का पालन कर लिया तो आपको अपना वजन घटाने से कोई भी नहीं रोक सकता है. ऐसे ही एक वजन घटाने की इंस्पायरिंग कहानी है केट डेनियल की. जिसके अपने जिद्द और कर्मठता से अपना 70 किलो वजन कम कर लिया. अब उनकी ये कहानी सबको इंस्पायर कर रही है.
केट डेनियल ने 30 जनवरी को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर अपने वेट लॉस के आठ 'बेहद सरल चीजें' बताईं, जिनसे उनका आधा वजन कम हो गया. तो आईए जानते हैं केट के वजन कम करने का राज-
अपने वजन घटाने के दौरान केट सुबह जल्दी उठती थी. हालांकि वह काम करने के लिए नहीं बल्कि खुद को अतिरिक्त समय देने के लिए सुबह जल्दी उठती थी.
उन्होंने इस दौरान 'चीनी या गेहूँ' का सेवन कम कर दिया था. कुछ समय के बाद उनकी ज्यााद खाने की क्रेविंग कम हो गई और इंसुलिन प्रतिरोध उलट गया.
खाना तैयार करना अनुशासन नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल का एक तरीका बन गया. 'यह आत्म-देखभाल थी, न कि सजा. इसने मुझे समय बचाया, मेरा पेट भरा रखा और मुझे संतुष्ट रखा, निर्णय लेने की थकान को कम किया और रसोई के तनावपूर्ण माहौल में पुरानी आदतों में वापस जाने से बचने में मदद की।'
वज़न कम होना सिर्फ़ शारीरिक काम नहीं है. इस दौरान अपने शरीर और मन के रिश्ते की गहराई को समझना सबसे जरूरी है.
केट ने कहा कि मैंने अपने शरीर के साथ ही अपने असली स्वरूप से भी प्यार करना शुरू कर दिया. इसलिए अब मुझे अपने मन, शरीर और आत्मा से खालीपन महसूस नहीं होता जिसे मुझे भरने की आवश्यतका महसूस हो.
केट ने आगे बताया कि हर बदलाव केवल खान-पान या शारीरिक गतिविधि से ही जुड़ा नहीं था. 'ऐसा इसलिए नहीं था कि वे चीजें बुरी थीं, बल्कि इसलिए कि मैं एक अलग इंसान बन रही थी. फिर मैने अपने आप को अपने वर्तमान में ढालने की कोशिश की.
केट ने केवल अपने वजन को कम करने पर ध्यान नहीं दिया बल्कि उन्होंने इस पर ध्यान दिया कि वह कैसा महसूस करना चाहती हैं. मैंने हर दिन अपने भविष्य के स्वरूप को ध्यान में रखा और उसी के नजरिए से फैसले लिए.
व्यायाम करना अब मेरे लिए सजा नहीं है. 'अपने शरीर को हिलाना-डुलाना अब एक सौभाग्य है, सजा नहीं. 70 किलो से ज्यादा वजन कम करने के बाद, मुझे हर दिन यह एहसास होता है कि अपने बच्चों के साथ खेलना, सीढ़ियां चढ़ना और अपने जूतों के फीते बांधना आशीर्वाद है.
केट का कहना है कि अपने अंदर की आवाज सुनना शायद सबसे शक्तिशाली बदलाव था. 'मैंने खुद से दुश्मन की तरह बात करना बंद कर दी. मैं खुद की दोस्त, मार्गदर्शक और हौसला बढ़ाने वाली बनने लगी, जिसकी मुझे हमेशा से ज़रूरत थी.